शाहाबाद। कस्बे में संचालित निजी अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही से बुधवार को हुुई प्रसूता की मौत के मामले को प्रशासन ने गंभीरता से लिया हैं। शुक्रवार को एसडीएम व सीएचसी अधीक्षक ने अस्पताल को सीज कर दिया।
शाहाबाद कोतवाली के आगमपुर निवासी रोशनी एक सप्ताह पूर्व प्रसव के लिए परिजनों ने शाहाबाद कस्बा में संचालित रिलीफ हॉस्पिटल एंड मैटरनिटी सेंटर में भर्ती कराया था। जहां पर डॉक्टरों ने तीमारदारों से 25 हजार रुपये में प्रसव कराने की बात कही थी।
तीमारदारों ने 13 हजार रुपये जमा कर दिए थे। यहां महिला ने एक लड़के को जन्म दिया था। कुछ ही देर में बच्चे की तबीयत बिगड़ने पर छह हजार रुपये जमा कराके उसे आईसीयू में रखा गया।
इधर दो दिन बाद रोशनी की तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जहां बुधवार की सुबह उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था।
परिजनों ने निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर लापरवाही से प्रसव करने का आरोप लगाया था। प्रसूता की मौत के मामले को गंभीरता से लेते हुए शुक्रवार को एसडीएम सौरभ दुबे, सीएचसी अधीक्षक एमपी जायसवाल व कोतवाल सुरेश मिश्रा ने अस्पताल को सीज कर दिया।