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जिला अस्पताल आएं तो पंखे, कूलर साथ लाएं

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फोटो-06- वार्ड में भर्ती महिला मरीज के पास लगा घरेलू पंखा - फोटो : HARDOI
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हरदोई। जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं का नजारा है। अफसर असुविधाओं को लेकर एक दूसरे पर दोष मढ़कर मरीजों की परेशानियों से किनारा कर रहे हैं।
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इसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। जिला अस्पताल के 11 नंबर सर्जिकल वार्ड में शनिवार को कुछ मरीजों के तीमारदारों से यहां मुहैया सुविधाओं को लेकर चर्चा की गई तो उन्होंने अपना दर्द बयान किया।
जिला अस्पताल में भर्ती मरीज गर्मी से बेहाल है। अस्पताल में जरूरत के मुताबिक पंखे नहीं है। जिम्मेदारों की अनदेखी से कई पंखे खराब है। ऐसे में वार्डों में भर्ती मरीज गर्मी से बिलबिला रहे हैं।
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जैसे-जैसे गर्मी का पारा बढ़ रहा है, तो अस्पताल में भर्ती मरीजों की परेशानी भी बढ़ रही है। एक तो बीमारी व दूसरी ओर गर्मी से निजात पाने की समस्या उनके लिए मुसीबत पैदा कर रही है।
कुछ ऐसी ही स्थितियां 11 नंबर सर्जिकल वार्ड की है। वार्ड में भर्ती कई मरीज गर्मी से बेहाल है। वार्ड में भर्ती शहर के जिप्सन गंज निवासी रामबेटी गुप्ता ने बताया कि शुक्रवार को उनका ऑपरेशन हुआ था।
इसके बाद उन्हें इस वार्ड में शिफ्ट किया गया। जिस बेड पर उन्हें भर्ती किया गया है। उसके ऊपर पंखा नहीं लगा है। परिजन ने बताया कि कई बार कहने के बाद भी यहां पर ड्यूटी पर मौजूद स्वास्थ्य कर्मी ने न तो दूसरे बेड पर शिफ्ट किया और न ही गर्मी से बचने के लिए पंखे की व्यवस्था की।
मजबूरी में घर से पंखा मंगाना पड़ा। इसी वार्ड में भर्ती हरियावां यासीप मुरुमा, बिलग्राम चुंगी निवासी अनीता, गल्ला मंडी निवासी रचना और महुई पुरी निवासी प्रिया भर्ती हैं। इन सभी का ऑपरेशन हुआ है।
मरीजों और उनके तीमारदारों ने बताया कि जो पंखे लगे हैं, उनसे गर्मी से बचाव संभव नहीं हो पा रहा है। जो एसी लगे हैं वह भी पर्याप्त काम नहीं कर रहे हैं। वार्ड में एक भी कूलर नहीं लगा है। ऐसे में आपरेशन होने के बाद जो दवाएं दी गई हैं। उन दवाओं को खाने के बाद अधिक कर्मी लगती है। दोपहर और रात में गर्मी से बेहाल होना पड़ रहा है।
दो कूलर बंद पड़े
सर्जिकल वार्ड में दो कूलर दिखाई दिए। एक कूलर मेन गेट के पास ही रखा है। इसकी लीड अलग पड़ी थी। बंद कूलर कबाड़ में तब्दील नजर आया। इसके अलावा वार्ड के बाहरी छज्जे पर एक और कूलर रखा है। यह कूलर भी कबाड़ में तब्दील दिखा। मरीजों के तीमारदारों का कहना था कि यदि यह कूूलर सही करा दिए जाएं तो यहां भर्ती होने वाले लोगों को गर्मी से बेहाल नहीं होना पड़ेगा।
बैठने की नहीं व्यवस्था
सर्जिकल वार्ड की गैलरी में तीमारदारों को बैठने की व्यवस्था है, यहां छत का एक पंखा गायब है। ऐसे में तीमारदारों को गर्मी से बचाव के लिए मजबूरी में मरीजों के बेडों पर बैठना पड़ता है। ऐसे में गंभीर मरीजों के साथ बैठने वाले तीमारदारों के भी संक्रमित होने की आशंका बढ़ जाती है, लेकिन इस सबके बाद भी जिम्मेदार का ध्यान इस ओर नहीं हैं।
घंटों गुल रही बिजली
वार्ड में भर्ती मरीजों ने बताया कि शुक्रवार देर रात बिजली गुल हो गई थी। बिजली गुल होने के काफी देर तक जनरेटर नहीं चालू किया गया। इसके चलते गर्मी से बेहाल होना पड़ा। जब तीमारदारों ने हंगामा किया तब जाकर जनरेटर चालू कराया गया। कुछ मरीज जो कई दिन से यहां भर्ती हैं। उनका कहना था कि रात में कई बार बिजली गुल होती है, अक्सर जनरेटर चालू नहीं किया जाता है।
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वर्जन
कुछ पंखे खराब हो गए थे। जिन्हें रिपेयरिंग के लिए भेजा गया है। जिस बेड के ऊपर पंखा नहीं लगा है। उस पर मरीज को भर्ती करने के लिए मना किया गया था। लाइट गुल होने पर तत्काल जनरेटर चलाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद भी यदि समस्या है तो निरीक्षण कर समाधान कराऊंगी। - डॉ.वाणी गुप्ता, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज

फोटो-07- वार्ड में नदारद सीलिंग फैन- फोटो : HARDOI

फोटो-08- सर्जिकल वार्ड में मरीज के पास घर से लाया हुआ लगा टेबल फैन- फोटो : HARDOI

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