हरदोई। अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय ने दहेज के लिए पत्नी की हत्या करने वाले पति को दोषी करार देते हुए 10 वर्ष कारावास की सजा सुनाई है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
मृतका के पिता तनक्के ने न्यायालय में वाद पत्र दाखिल किया था। इसमें बताया था कि बेटी की शादी नंदराम निवासी ग्राम समरेहटा थाना बघौली के साथ की थी। शादी के बाद नंदराम, उसकी बहन देवकी और बहनोई रजनीश और दहेज की मांग करते थे।
मांग पूरी न होने पर बेटी के साथ मारपीट करते थे। 22 जुलाई 2015 को तीनों ने बेटी को जहर देकर मार डाला था। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की थी।
इस मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश तृतीय संजीव कुमार सिंह की कोर्ट में चल रही थी। अभियोजन पक्ष से पैरवी शासकीय अधिवक्ता कौशल किशोर तिवारी ने की।
उन्होंने बताया कि दहेज हत्या गंभीर अपराध है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद न्यायाधीश ने नंदराम को दोषी मानते हुए 10 वर्ष का कारावास और देवकी व रजनीश पर दोष सिद्ध न होने पर रिहा कर दिया।