हरदोई। अपर जिला जज चतुर्थ प्रीति श्रीवास्तव ने बुधवार को दहेज हत्या के मुकदमे में पति को दोषी करार दिया। इसके साथ ही उसे आजीवन कारावास व 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
कानपुर शहर के मोहल्ला गोविंदनगर निवासी शिवराम मिश्र ने पुत्री निशा की शादी 20 जून 1983 को अतरौली थाने के गांव उसरहा निवासी कृष्णपाल से की थी। शादी के बाद से ससुराल वाले और दहेज की मांग कर रहे थे।
मांग पूरी ना होने पर आए दिन उसका उत्पीड़न करते थे। 20 फरवरी 1985 को आग से जलने के कारण संदिग्ध परिस्थितियों में निशा की मौत हो गई थी। पिता की तहरीर पर अतरौली पुलिस ने पति और उसकी मां के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह ने दलीलें पेश की। न्यायाधीश ने पति को दहेज हत्या का दोषी करार दिया। जबकि दूसरी आरोपी उसकी मां की पूर्व में मौत हो चुकी है। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
दुष्कर्म का आरोपी दोषमुक्त
हरदोई। अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट हेमंत कुमार सिंह ने बुधवार को एक मामले की सुनवाई करते हुए दुष्कर्म के आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोष मुक्त कर दिया।
थाना सुरसा के एक गांव निवासी व्यक्ति ने थाने में तहरीर दी थी कि 25 फरवरी 2017 को उसकी बेटी के साथ रामकिशोर ने दुष्कर्म किया। घटना के बारे में किसी से बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी।
मामले की पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर पीड़िता का डॉक्टरी परीक्षण कराया था। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया। न्यायालय में सुनवाई के दौरान आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त करार दिया गया।