हरदोई। छत के मलबे में दबकर घायल बुजुर्ग ने जिला अस्पताल मेें सोमवार को दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि इमरजेंसी के डॉक्टर ने जांच के बाद उन्हें सर्जन को दिखाने की सलाह दी थी। बुलाने के बाद भी सर्जन जांच करने नहीं आए।
पाली थाना क्षेत्र के पटियानीम निवासी खुशीराम ने नया मकान बनवाया था। सोमवार को उसके मकान की स्लेब (छत) खोली जा रही थी। इस दौरान गांव का प्रहलाद (75) भी वहां थी।
बताया जा रहा है कि स्लेब खोलते समय गिरे मलबे में प्रहलाद दब गया। आसपास मौजूद लोगों ने आनन-फानन में मलबा हटाकर उसे बाहर निकाला। घटना की जानकारी पर पहुंचे परिजन उसे घायल अवस्था में निजी वाहन से जिला अस्पताल लाए।
जहां पर इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद डॉ. सुबोध ने उनकी जांच कर वार्ड में भर्ती करा दिया। इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। परिजन का आरोप है कि इमरजेंसी में मौजूद डॉक्टर ने उन्हें सर्जन को दिखाने की सलाह दी थी, लेकिन सर्जन बुलाने के बाद भी देखने नहीं आए।
परिजन ने इलाज में लापरवाही के कारण ही मौत होने का आरोप लगाया है। अस्पताल प्रबंधन की सूचना पर पहुंची शहर कोतवाली पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया है।
वर्जन
इस संबंध में अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। फिर भी मामले की जांच करूंगा, यदि इलाज में लापरवाही की बात सामने आती है तो जो दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - डॉ.जेएन तिवारी, सीएमएस