मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस व मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता मौके पर पहुंची। प्राचार्य ने डॉक्टर को चेतावनी देकर परिजनों को समझाकर शांत कराया। डॉक्टर का कहना था कि उन्होंने थप्पड़ नहीं मारा है, महिला रिश्वत देने की बात कह रही थी, उठते समय गाल पर हाथ लग गया। प्राचार्या ने बताया कि महिला द्वारा थप्पड़ मारने का आरोप निराधार है।
डॉक्टर को हटाया, दो सुरक्षाकर्मी तैनात किए
अल्ट्रासाउंड कक्ष में हुए बवाल के बाद मेडिकल कॉलेज प्राचार्य ने डॉक्टर व कर्मचारी को कक्ष से हटाकर वहां पर दो सुरक्षाकर्मियों को तैनात करने की बात कही।
बिना पैसे दिए नहीं हो रही जांच
महिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने के लिए आने वाले मरीजों की जांच बिना पैसे दिए नहीं हो रही है। मरीजों के मुताबिक अल्ट्रासाउंड कक्ष में कर्मचारी 100 रुपये जमा करने के बाद पर्चा लगाते हैं, जो मरीज रुपये नहीं देते उसका नंबर दूसरे-तीसरे दिन लग पाता है। अस्पताल प्रशासन अल्ट्रासाउंड कक्ष में हो रही वसूली को लेकर अंजान बना हुआ है।