हरदोई। कोरोना संक्रमण की दूसरी लहर से निपटने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ट्रेसिंग, टेस्ट और ट्रीट का मंत्र दिया था। इस मंत्र का जप तो खूब हुआ, लेकिन जमीनी हकीकत बेहद तल्ख निकली।
कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए किए जा रहे उपायों की हकीकत परखने के लिए कोविड कमांड सेंटर से संक्रमितों के पास फोन पहुंचने लगे, तो गलत रिपोर्टिंग का खेल या यूं कहें कि झूठ सामने आने लगा।
अब पूरे मामले की गोपनीय रिपोर्ट सीएमओ को भेजी गई है, तो खलबली मची है। फौरी तौर पर कार्यवाई के नाम पर खाना पूरी करने की कवायद तेजी से चल रही है।
होम आइसोलेशन में रहने वाले कोविड संक्रमितों को घर पर ही दवाईयों की किट उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। इसके अलावा लक्षण वाले संक्रमितों के घरों पर आरआरटी यानी रैपिड रिस्पांस टीम के पहुंचने के भी निर्देश हैं।
कागजों में कहीं कोई कमी नहीं है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर रोज दवाई वितरण से लेकर आरआरटी टीमों के घरों तक पहुंचने का ब्योरा जिला प्रशासन को भेजा जा रहा है। जब इस ब्योरे में से कुछ मामलों की जांच की गई, तो गलत रिपोर्टिंग का खेल खुल गया।
प्रकरण 1-
बावन कस्बा निवासी शशि होम आइसोलेशन में हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोविड कंट्रोल रूम को दी गई जानकारी के मुताबिक शशि को दवाईयों की किट उपलब्ध कराई जा चुकी है। 27 मई को जिला मुख्यालय पर स्थित एकीकृत कोविड कमांड सेंटर से शशि से बात की गई, तो पता चला कि उन्हें दवाईयों की किट मिली ही नहीं है।
प्रकरण -2
टोडरपुर निवासी रामबरन भी होम आइसोलेशन में हैं। कोविड के लक्षण वाले मरीजों के घर आरआरटी (रैपिड रिस्पांस टीम) को भेजने के निर्देश हैं। 27 मई को कोविड कमांड सेंटर से जब हकीकत परखने के लिए रामबरन को फोन किया गया, तो पता चला कि उनके घर पर टीम पहुंची ही नहीं। इससे पहले 26 मई को भी आरआरटी पहुंचने के बारे में जानकारी की गई थी, लेकिन जवाब न में ही मिला।
प्रकरण -3
निगरानी समितियों द्वारा कोविड के लक्षण वाले व्यक्तियों को दवाई किट वितरित किए जाने के निर्देश हैं। स्वास्थ्य विभाग की ओर से दवा वितरण की सूची में शामिल कुछ नामों पर कोविड कंट्रोल रूम से हकीकत परखी गई, शाहाबाद, टड़ियावां, कोथावां, बिलग्राम, मल्लावां सुरसा, टोडरपुर और भरावन के कुल 18 लोग ऐसे मिले जिन्हें दवा किट मिली नहीं, लेकिन सूची में नाम दर्ज हैं। ये सारे फोन भी 27 मई को किए गए थे।
सीएमओ को पूरे मामले में सख्त हिदायत दी गई है। गलत जानकारी देने वाले कर्मचारियों का उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए गए हैं। सभी संबंधित लोगों को दवाईयों की किट भेजने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा आरआरटी को भी लगातार सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं। डीएम ने बताया कि भविष्य में इस तरह की खामी मिलने पर सख्त कार्यवाई की जाएगी। - अविनाश कुमार, जिलाधिकारी