हरदोई। वर्ष 2020-21 में धान खरीद के दौरान उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ के शाहाबाद स्थित क्रय केंद्र में धान खरीद के भुगतान में हुई अनियमितता का मामला तूल पकड़ गया है। डीएम ने उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ (यूपीएसएस) के जिला प्रबंधक के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति यूपीएसएस के प्रबंध निदेशक से की है। इससे इतर पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए दो एसडीएम समेत तीन लोगों की जांच कमेटी बना दी है। साथ ही संबंधित सहकारी समिति को भी जनपद में कारोबार के लिए ब्लैक लिस्टेड कर दिया है।
यूपी एसएस के जिला प्रबंधक सत्यम सिंह ने बीती 16 अगस्त को शाहाबाद कोतवाली में एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इस एफआईआर में सत्यम सिंह ने कहा था कि पचदेवरा के उबरीखेड़ा निवासी शानू गुप्ता को केंद्र प्रभारी बनाया गया था। आरोप है कि शानू गुप्ता ने दूसरे किसानों से स्वयं के खाते में लगभग चालीस लाख रुपये, पिता अशोक गुप्ता के खाते में छह लाख रुपये समेत परिवार के अन्य सदस्यों के नाम भी कुछ रुपये ट्रांसफर किए। एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला जनपद के आला प्रशासनिक अधिकारियों के संज्ञान में आया।
इस पर डीएम अविनाश कुमार ने प्राथमिक जांच कराई, तो पता चला कि किसानों का कोई भी भुगतान इस क्रय केंद्र पर बाकी नहीं है। जो धान खरीदा गया था उसका सीएमआर (चावल) भी एफसीआई को शत प्रतिशत मिल चुका है। अब डीएम अविनाश कुमार ने पूरे मामले में शिथिल पर्यवेक्षण के लिए जिला प्रबंधक सत्यम सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की संस्तुति प्रबंध निदेशक से की है।
प्रकरण की विस्तृत जांच के लिए एसडीएम शाहाबाद सौरभ दुबे, एसडीएम सदर/ज्वाइंट मजिस्ट्रेट दीक्षा जैन और जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अनुराग पांडेय की कमेटी गठित की है। सहायक निबंधक सहकारिता एपी सिंह ने बताया कि संबंधित समिति (इंडियन कॉमर्शियल एग्री कल्चरल कॉपरेटिव सोसायटी लिमिटेड) को जनपद में कारोबार के लिए भी ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया है।