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हरदोई: ‘दिशा’ में सांसद बिफरे तो शिलापट बदले, अशोक रावत की नाराजगी के बाद दो सचिवों पर भी गाज गिरना तय

Sun, 05 Sep 2021 01:34 AM IST
कानपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

भरावन विकास खंड की ग्राम पंचायत आलमपुर और कौड़िया में बनवाए गए पंचायत भवनों के शिलापट में क्षेत्रीय सांसद और विधायक का नाम न होने का मुद्दा उठाते हुए अशोक रावत ने नाराजगी जताई थी।
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आलमपुर के पंचायत भवन के गेट से हटाया गया शिलापट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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हरदोई जिले में शुक्रवार को जिला मुख्यालय पर हुई दिशा की बैठक में मिश्रिख सांसद अशोक रावत के बिफरने का असर 24 घंटे के अंदर ही हो गया। ग्राम पंचायत आलमपुर और कौड़िया में लगे शिलापट उखाड़ लिए गए। कौड़िया में तो दूसरा शिलापट भी लगा दिया गया।
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विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक इस सबके बावजूद दो ग्राम सचिवों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। शुक्रवार को जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक विकास भवन स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में हुई थी। इस दौरान मिश्रिख से सांसद अशोक रावत ने कई मामलों पर तीखे तेवर दिखाए थे।

उनके लोकसभा क्षेत्र में आने वाले भरावन विकास खंड की ग्राम पंचायत आलमपुर और कौड़िया में बनवाए गए पंचायत भवनों के शिलापट में क्षेत्रीय सांसद और विधायक का नाम न होने का मुद्दा उठाते हुए अशोक रावत ने नाराजगी जताई थी। खंड विकास अधिकारी और एडीओ पंचायत के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने, दोनों ग्राम पंचायतों के सचिवों को निलंबित करने के लिए भी सांसद ने कहा था।
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अफसरों और सचिव पर तो फिलहाल कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन 24 घंटे के अंदर ही दोनों ग्राम पंचायतों में लोकार्पण के दौरान लगे शिलापट हटा दिए गए। शनिवार की शाम होते होते कौड़िया में दूसरा शिलापट भी लगवा दिया गया। कौड़िया में अब लगवाए गए लोकार्पण शिलापट में सांसद और विधायक का नाम भी डलवा दिया गया है।
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...और एक शिलापट पर दो मुख्य अतिथि
सांसद के तीखे तेवरों का असर इस कदर हुआ कि ब्लाक के जिम्मेदार अफसर भी हड़बड़ा गए। मामले की लीपापोती मे लगे अफसरों ने एक और बड़ी गलती कर दी। कौड़िया ग्राम पंचायत में बने पंचायत भवन के नए शिलापट में दो दो मुख्य अतिथि हैं। मुख्य अतिथि के रूप में क्षेत्रीय विधायक राज कुमार अग्रवाल और पूर्व ब्लाक प्रमुख श्रीराम सिंह तोमर का नाम दर्ज है। आश्चर्य यह कि क्षेत्रीय सांसद अशोक कुमार रावत का नाम विशिष्ट अतिथि के रूप में दर्ज किया गया है। इस सबसे इतर महत्वपूर्ण यह भी है कि जब सांसद और विधायक कार्यक्रम में गए ही नहीं, तो फिर उनके नाम सिर्फ पत्थर पर ही क्यों उकेर दिए गए।

सांसद बोले : यह कौन सा तरीका हुआ, विधिवत आयोजन करें
कौड़िया में नया शिलापट लग जाने और आलमपुर में पुराना शिलापट उखाड़ दिए जाने पर जब सांसद अशोक रावत से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि यह कौन सा तरीका हुआ। अफसरों को विधिवत आयोजन करना चाहिए। आयोजन के लिए सांसद और विधायक से समय आवंटित कराएं और फिर शिलापट लगवाएं। अधिकारियों के तरीके को गलत बताते हुए इस मामले पर उच्चाधिकारियों से भी आपत्ति जताने की बात कही।
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