हरदोई। जिला विकास समन्वय एवं अनुश्रवण समिति (दिशा) की बैठक के दौरान लगभग सभी विभागों के अफसर जनप्रतिनिधियों के निशाने पर रहे। गत बैठक की अनुपालन आख्या एक दिन पहले ही मिलने पर मिश्रिख सांसद बैठक को स्थगित करने पर अड़ गए, तो नगर पालिका के कार्यों की समीक्षा में सदर सांसद जय प्रकाश बोल पड़े कि मेरे घर के सामने ही सूअर लोटते रहते हैं।
विकास भवन स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित दिशा की बैठक शुरू होते ही मिश्रिख से सांसद अशोक रावत ने कहा कि गत बैठक की अनुपालन आख्या गुरुवार को ही मिली है। अफसर जान बूझकर पहले से आख्या नहीं भेजते। उन्होंने बैठक स्थगित कर एक सप्ताह बाद दोबारा बैठक बुलाने की बात कही, तो हर कोई सकते में आ गया। ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक गजेंद्र तिवारी ने उन्हें समझाने की कोशिश की, तो सांसद और भड़क गए। अशोक रावत ने कहा कि तीसरी बार सांसद हूं, मेरा पता तक नहीं मालूम। पीडी ने कोथावां बीडीओ के माध्यम से अनुपालन आख्या भेजने की बात कही, तो अशोक रावत ने पूछा क्या मैं ब्लाक प्रमुख हूं या मैं ब्लाक में रहता हूं। डीएम अविनाश कुमार और सदर सांसद जय प्रकाश ने मिश्रिख सांसद को समझा बुझाकर शांत किया और दोबारा ऐसा न होने की बात कही। इसके बाद विभिन्न विभागों को लेकर गत बैठक में उठे मामलों और उन पर अनुपालन आख्या को लेकर चर्चा की गई।
जब नगर पालिका हरदोई के पार्कों का मामला आया तो अधिशासी अधिकारी रवि शंकर शुक्ल ने कहा कि जल्द ही पार्कों की दशा सुधारने का कार्य शुरू हो जाएगा। इस पर सदर सांसद जय प्रकाश ने कहा कि पता नहीं कब काम शुरू होगा। मेरे घर के सामने तो सूअर लोटते रहते हैं। चिकित्सा, सिंचाई विभाग, विद्युत विभाग, बेसिक शिक्षा विभाग, जल निगम, युवा कल्याण, राजस्व, वन विभाग, कृषि विभाग, लोक निर्माण विभाग, नलकूप, कौशल विकास आदि विभागों के कार्यों की समीक्षा भी की गई।
बैठक में गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश, सांडी विधायक प्रभाष कुमार, बालामऊ विधायक रामपाल वर्मा, भरखनी ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि धीरेंद्र प्रताप सिंह सेनानी, अहिरोरी ब्लाक प्रमुख धर्मवीर सिंह, शाहाबाद ब्लाक प्रमुख त्रिपुरेश मिश्रा, भरावन ब्लाक प्रमुख विनोद सिंह तोमर, सवायजपुर विधायक प्रतिनिधि रजनीश त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
सिर्फ कमीशन लेने के लिए संपर्क करते हैं ग्राम सचिव : श्याम प्रकाश
जनपद में तैनात ग्राम सचिवों की कार्यशैली को लेकर जनप्रतिनिधियों ने तीखे तेवर दिखाए। गोपामऊ विधायक श्याम प्रकाश ने तो यहां तक कह डाला कि सचिव सिर्फ कमीशन लेने के लिए प्रधानों से संपर्क करते हैं और गांवों में जाते ही नहीं। उन्होंने कहा कि मैं खुद विधायक हूं, बेटा ब्लाक प्रमुख है और पत्नी ग्राम प्रधान है, इसके बावजूद पिछले छह माह से गांव में सचिव नहीं गया। सचिव लग्जरी वाहनों से चलते हैं, कार का एसी चलता रहता है और शीशा डाउन कर प्रधान से ब्लाक में ही खड़े खड़े बात कर चले जाते हैं। मिश्रिख सांसद अशोक रावत ने भी कहा कि ग्राम सचिव बेलगाम हैं। इसी दौरान जनप्रतिनिधियों का दर्द भी सामने आ गया और कहा कि अगर किसी ग्राम सचिव के तबादले या कार्रवाई के लिए लिखते हैं, तो फाइलें घूमती रहती हैं। इसीलिए ग्राम सचिव पर किसी का कोई नियंत्रण नहीं रह गया।
पत्थर पर नाम न होने पर बिफरे सांसद ने कहा कार्रवाई करें
मिश्रिख के सांसद अशोक रावत ने भरावन ब्लाक के खंड विकास अधिकारी, एडीओ पंचायत और दो ग्राम सचिवों की जमकर शिकायत की। कहा कि दो ग्राम सचिवों ने बीते दिनों लोकार्पण कराए। लोकार्पण के पत्थर में पूर्व जनप्रतिनिधियों के नाम लिख दिए गए, ग्राम सचिव, एडीओ, और बीडीओ के नाम भी लिख गए, लेकिन न सांसद का नाम लिखा गया और न ही क्षेत्रीय विधायक का। मिश्रिख सांसद ने संबंधित दोनों ग्राम सचिवों को निलंबित करने, बीडीओ और एडीओ पंचायत के विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए।
सिंचाई खंड उन्नाव के अधिशासी अभियंता को नोटिस जारी करें
बैठक में सिंचाई विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान शारदा नहर के उन्नाव खंड के सहायक अभियंता ने जानकारी देना शुरू की, तो मिश्रिख सांसद ने उनका पदनाम पूछ दिया। पदनाम पता चलने पर उन्होंने अधिशासी अभियंता के बारे में पूछा, तो पता चला कि वे हाईकोर्ट गए हैं। इस पर सांसद ने डीएम अविनाश कुमार से कहा कि पिछली बैठक में भी अधिशासी अभियंता नहीं आए थे। इन्हें नोटिस जारी किया जाए और भविष्य की बैठकों में उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।
नवंबर के आखिरी सप्ताह में फिर होगी दिशा की बैठक
दिशा की बैठक नियमत: हर तीन माह पर होनी चाहिए। इसके बावजूद जनपद में ऐसा नहीं हो पाता। पिछली बैठक चार जनवरी को हुई थी और इसके बाद शुक्रवार को बैठक हुई। बैठक की शुरुआत में जब मिश्रिख सांसद अशोक रावत बिफर पड़े, तो सदर सांसद जय प्रकाश ने कहा कि अब सब लोग आ गए हैं, तो बैठक कर लें। इसके बाद जल्द ही फिर से बैठक कर लेंगे। जय प्रकाश ने दिसंबर की शुरुआत में बैठक करने की बात कही, तो डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि हो सकता है, तब तक एमएलसी (स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्र) की अधिसूचना लग जाए। इसके बाद तय हुआ कि नवंबर के आखिरी सप्ताह में दिशा की बैठक फिर होगी।