हरदोई। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत चयनित किए जाने के बाद तीन पात्रों के नाम ग्राम पंचायतों के जिम्मेदारों ने अपात्र बताकर कटवा दिए। पात्रों ने मामले की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से की, तो पूरे प्रकरण की जांच हुई। जांच में तीन तीन लोगों के नाम पात्र होने के बाद भी काटे जाने की पुष्टि हुई है।
प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के तहत पात्रों को आवास निर्माण के लिए एक लाख बीस हजार रुपये की सहायता दी जाती है। तीन किस्तों में दी जाने वाली यह सहायता राशि लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। बीती 26 जुलाई को कोथावां विकास खंड की ग्राम पंचायत भीखपुर एमा निवासी लक्ष्मी, प्रभादेवी और रेखा ने मुख्य विकास अधिकारी आकांक्षा राना से मिलकर शिकायती पत्र दिया था। इसमें पात्र होने और पात्रता सूची में भी नाम होने के बाद भी आवासीय योजना का लाभ न दिए जाने की बात कही गई थी।
सीडीओ ने पूरे मामले की जांच ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक राजेंद्र कुमार श्रीवास से कराई। जांच के बाद परियोजना निदेशक ने अपनी गोपनीय आख्या सीडीओ को भेज दी है। आख्या के मुताबिक लक्ष्मी, रेखा और प्रभादेवी के मकान कच्चे हैं। तीनों ही आवासीय योजना के लिए पात्र हैं। इनके नाम भी लाभ देने के लिए सूची में दर्ज थे, लेकिन ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों ने इन्हें अपात्र मानते हुए केस रिमांड (नाम कटवा दिए) करा दिए। आख्या मिलने के बाद सीडीओ ने सख्त रुख अपना लिया है। गड़बड़ी करने वाले जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई किए जाने के निर्देश देते हुए आख्या मांगी है।