हरदोई के वरिष्ठ कांग्रेस नेता और पूर्व विधायक खालिद गौरी को कोरोना निगल गया। रविवार को नोएडा के एक प्राइवेट अस्पताल में उन्होंने दम तोड़ा। वे 74 वर्ष के थे। नोएडा में ही उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
मूल रूप से पिहानी विकास खंड के ग्राम जाजूपारा निवासी खालिद गौरी वर्ष 1991 में तत्कालीन पिहानी विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर विधायक निर्वाचित हुए थे। वे कई प्रमुख समाचार पत्रों से भी संबद्ध रहे और कुछ समय तक उन्होंने वकालत भी की।
राजनीति में सक्रिय बेहद शालीन लोगों में शुमार किए जाने वाले खालिद गौरी शहर के रफी अहमद किदवई चौराहा के निकट स्थित आवास पर रहते थे। कुछ समय पहले कोरोना संक्रमित होने पर उन्हें उपचार के लिए नोएडा ले जाया गया था। नोएडा के ही एक प्राइवेट अस्पताल में उनका उपचार चल रहा था। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक उनकी स्थिति में काफी सुधार भी हो गया था, लेकिन रविवार को अचानक उनकी हालत बिगड़ी और उन्होंने दम तोड़ दिया।
उनके निधन की जानकारी मिलते ही गोपामऊ से भाजपा विधायक श्याम प्रकाश, वरिष्ठ भाजपा नेता रामबली मिश्रा, कांग्रेस जिलाध्यक्ष आशीष कुमार सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष अजय सिंह और डॉ. राजीव सिंह लोध, पंचायत उद्योग के अध्यक्ष शिशुपाल सिंह ने शोक जताया। पिहानी नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और कांग्रेस प्रत्याशी हाजी सईद खां, हाफिज सलीमउल्ला, पीयूष शुक्ला, मुइनुद्दीन अंसारी, अकील खां, जमाल शाहबाज, हफीज मंसूरी आदि ने शोक जताया।