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गोमुख से गंगा सागर तक शुद्ध होंगी गंगा

Thu, 17 Sep 2015 12:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
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गोमुख से गंगा सागर तक गंगा मइया को प्रदूषण से मुक्त कराया जाएगा। इस पर 20 हजार करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसमें नमामि गंगे समिति को ही नहीं बल्कि प्रत्येक भारतीय को अपना सहयोग देना होगा, ताकि मेरी या आपकी नहीं बल्कि हमारी गंगा मइया प्रदूषण से मुक्त हो सके।
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ये बातें मुख्य अतिथि नमामि गंगे राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य व सांसद केशव प्रसाद मौर्य ने कही। वे बुधवार को पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में नमामि गंगे कमेटी अवध क्षेत्र की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि 20 से 27 सितंबर तक राष्ट्रीय स्तर पर ग्राम इकाई का गठन करना है। कार्तिक पूर्णिमा पर प्रत्येक घाटों पर गंगा रक्षा संकल्प कार्यक्रम है। कहा कि नमामि गंगे टीम का दायित्व है कि प्रधानमंत्री ने जो 20 हजार करोड़ रुपये नमामि गंगे मंत्रालय को दिया है, उसका एक-एक पैसा गंगा की सफाई में लगे।
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उन्होंने माना कि सरकारी मशीनरी के भरोसे सफाई संभव नहीं है, इसलिए जन जागरण बहुत जरूरी है। बताया कि 10-11 अक्तूबर को हरिद्वार में राष्ट्रीय कार्यशाला होगी। विशिष्ट अतिथि प्रदेश संयोजक ब्रजबहादुर ने कहा कि गंगा किनारे 118 नगर है, जिनका प्रदूषण गंगा नदी में जाता है।

कहा कि गंगा मां के किनारे मल मूत्र त्याग न करें और न ही करने दें। उत्तर प्रदेश में 800 किलोमीटर गंगा के  किनारे एक-एक किमी पर रखवाली सुनिश्चित की जाएगी।

सांसद अंशुल वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री ने गोमुख से गंगा सागर तक अविरल निर्मल गंगा बहाने का जो संकल्प लिया है, उसको पूरा करने में सभी को जुटना होगा। क्षेत्रीय संयोजक राम बहादुर सिंह ने कहा कि अवध क्षेत्र के कार्यकर्ता नमामि गंगे समिति में गंगा को अविरल निर्मल बनाने में तन मन धन से लगेंगे।

प्रत्येक घाटों पर पौधरोपण, गंगा उपवन व सफाई पर ध्यान दिया जाएगा। कार्यक्रम का संचालन सह संयोजक अशोक कुमार सिंह ने किया। राकेश दीक्षित, संजीव त्रिवेदी, विजय राघव, सत्यपाल सिंह, रामचंद्र राजपूत, आजाद सिंह, रमेश चंद्र कुशवाहा, सूरज सिंह भी मौजूद रहे।

अवध क्षेत्र प्रभारी रामबहादुर सिंह ने बताया कि जिले में मुख्य रूप से छह घाट हैं। इनमें प्रमुख रूप से राजघाट, तेरवापुरसोली का घाट शामिल है। दोनों घाटों को पक्का कराने की पुरजोर कोशिश चल रही है। प्रधानमंत्री को पत्र लिखा जा चुका है। 
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