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Hardoi News: गोमती का पानी गांवों और घरों में घुसा, तीन हजार से अधिक आबादी प्रभावित

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फोटो 41: बरंडारी-कुसुमखोर मार्ग पर आवागमन बंद होने से नाव से जाते ग्रामीण। संवाद
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हरदोई। भरावन क्षेत्र में गोमती नदी का जलस्तर बढ़ने से अतरौली क्षेत्र के कई गांवों में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई है। कूड़ा, कटका और तुलसीपुर की करीब तीन हजार की आबादी जलभराव से प्रभावित है। गांवों के मुख्य मार्ग जलमग्न हो गए हैं। नदी का पानी गांवों के अंदर पहुंच गया है। पंचायत भवन और पीएचसी भटपुर में दो फीट पानी भर गया।
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गर्रा नदी का पानी सांडी में सांडी में चेतावनी बिंदु 129.65 मीटर से 95 सेंटीमीटर ऊपर 130.60 मीटर पर पहुंच गया है। गंगा नदी में नरौरा बैराज से 1,53,173 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जबकि गर्रा नदी में 4,762 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बाढ़ का पानी गांवों, स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों तक में भरने लगा है। गंगा, रामगंगा और गर्रा नदी के साथ ही सई और गोमती नदी की बाढ़ लोगों को प्रभावित कर रही है। मार्गों पर पानी आने से लोगों को आवागमन में दिक्कतें हो रहीं हैं।
बैराजों से पानी छोड़े जाने का क्रम जारी है। बुधवार को गंगा नदी के पानी में 25 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई। पानी पांचाल घाट पर 136.85 मीटर गेज, राजघाट पर 125.75 मीटर गेज पर पहुंच गया है। रामगंगा नदी का पानी हुल्लापुर घाट पर 137.15 मीटर गेज पर पहुंचा है। गर्रा नदी का पानी मुमोक्ष आश्रम पर 148.35 मीटर गेज और सांडी की केंद्रीय जल आयोग की साइट पर 130.60 मीटर पर पहुंचा है। नदियों का पानी बढ़ने से मार्ग अवरुद्ध हुए हैं। इससे लोगों को आवागमन में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं खेतों और गांवों के आसपास और अंदर तक पानी भरने से लोगों को घर-गृहस्थी तक के कामों में दिक्कतें हो रही हैं।
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बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ा है जो राजघाट से निकलकर आसपास के ग्रामीण इलाकों में फैल गया है। गर्रा नदी भी उफान पर है, जिससे चुन्नी पुरवा गांव में पानी भर गया है। बाढ़ और जलस्तर बढ़ने से क्षेत्रीय गांवों में परेशानियां बढ़ गई हैं। पुन्ना पुरवा, जरेला, सोनारी पुरवा, चौधी पुरवा, कटरी छिबरामऊ, कटरी परसोला समेत गांव बाढ़ से प्रभावित हैं। हर तरफ पानी ही पानी दिखाई दे रहा। कई गांवों में संपर्क मार्ग पानी से भरे हैं। इससे आवागमन में समस्याएं हैं। बाढ़ क्षेत्र में विद्यालय बंद हैं ग्रामीणों के सामने अतिवृष्टि होने के कारण सूखा ईंधन नहीं मिल पा रहा है। उधर पशुपालकों में भी चारे की समस्या बनी हुई है।
कटियारी क्षेत्र में नदियां फिर उफना गई है। इसके चलते बाढ़ के पानी से बरंडारी-कुसुमखोर कन्नौज मार्ग पर दो फीट पानी की धार चल रही है। नाव से लोग आवागमन कर रहे हैं।
पिहानी क्षेत्र में सई नदी के पानी में उफान आ गया है। इससे आसपास के खेत और रास्ते जलमग्न हैं। सई के तटीय क्षेत्र में बसे संतरहा गांव को जाने वाले रोड पर जलभराव होने से ग्रामीणों का संपर्क ब्लॉक व जनपद मुख्यालय से कट गया है। स्कूल में बुधवार को छुट्टी कर दी गई। जलभराव होने से ग्रामीणों व स्कूल आने-जाने वाले बच्चों और अभिभावकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण प्रदीप, गौरव, जय पाल, राजकिशोर व रामदास ने बताया कि पिहानी नगर से 5-6 किलोमीटर के फासले पर बसे गांव में दैनिक जरूरतों को लेकर भी लोगों को बाहर आने जाने में दुश्वारी हो रही है। ऐंठाखेड़ा और नेवादिया में भी पानी पहुंचा है। दोनों स्कूल बंद कर इनके विद्यार्थियों को यूपीएस व पीएस इटारा में शिफ्ट किया गया है। संतराहा प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिया गया है।

पीड़ितों को बांटी राशन किट
तहसील शाहाबाद के विकास खंड पिहानी की ग्राम पंचायत ऐंठाखेड़ा में राज्यमंत्री रजनी तिवारी ने अतिवृष्टि से प्रभावितों को राशन किट का वितरण किया। इस मौके पर एसडीएम डॉ. अवनीश कुमार, ब्लॉक प्रमुख कुशी वाजपेयी और पार्टी पदाधिकारी व प्रभावित लोग मौजूद रहे।
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त्वरित सहायता के लिए डायल करें कंट्रोल रूम के नंबर
दैवी आपदा प्रभारी एडीएम वित्त एवं राजस्व दीपाली भार्गव ने बताया कि प्रशासन की तरफ से पीड़ितों की हरसंभव मदद की जा रही है। आपदा से प्रभावित जिला आपदा नियंत्रण कक्ष के फोन नंबर 05852-299155, 05852-299157, 05852-299156 और मोबाइल नंबर 9454416606 नंबर तत्काल जानकारी दें। वहीं तहसील शाहाबाद में कंट्रोल सिंह 05852 234345, सवायजपुर में 05853 263322, बिलग्राम में 9936302788, सदर में 7388226967 और तहसील संडीला में 9118798744 पर जानकारी दी जा सकती है, ताकि त्वरित मदद पहुंचाई जा सके।

फोटो 41: बरंडारी-कुसुमखोर मार्ग पर आवागमन बंद होने से नाव से जाते ग्रामीण। संवाद

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