हरियावां। हरियावां थाना क्षेत्र में महिला की हत्या कर शव बरगावां मरई के जंगल में फेंक दिया गया था। रविवार को देर शाम महिला का शव मिला था। महिला के पति ने प्रेमी पर हत्या कर ज्वलनशील पदार्थ से शव जलाने का आरोप लगाया।
वहीं, शव मिलने के 14 घंटे पहले प्रेमी जहरीला पदार्थ खाने की बात कहकर जिला अस्पताल में भर्ती हो गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आरोपी से पूछताछ की।
देहात कोतवाली क्षेत्र के ग्राम बरगांवा निवासी सोनश्री (35) शुक्रवार को गांव के पश्चिम जंगल में गई थी। देर शाम तक घर न आने पर पति ने खोजबीन की, लेकिन सुराग नहीं मिला।
रविवार को शाम जंगल की तरफ गए चरवाहों ने शव पड़ा देख सोनश्री के पति महेश और पुलिस को सूचना दी। एसपी राजेश द्विवेदी ने मौके पर पहुंचकर जांच की थी।
मृतका के पति ने पड़ोस के गांव कोहलीपुरवा निवासी जितेंद्र पर पत्नी की हत्या कर शव ज्वलनशील पदार्थ से जलाने का आरोप लगाया। बताया कि जितेंद्र का उसकी पत्नी से वर्षों से प्रेम-प्रसंग था।
जितेंद्र ने ही पत्नी की हत्या कर दी। शव मिलने के 14 घंटे पहले पांच मार्च को सुबह लगभग तीन बजे जितेंद्र जहरीला पदार्थ खाने की बात कहकर जिला अस्पताल में भर्ती हो गया।
सोमवार को सुबह सीओ अशोक त्रिपाठी ने मौके पर पहुंचकर पूछताछ की। सीओ ने आरोपी की निगरानी के पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया है। पुलिस ने मृतका के पति महेश की तहरीर पर जितेंद्र के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की।
सोमवार को पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम हाउस के सूत्रों के मुताबिक, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला के पीछे सिर में एक गुम चोट मिली है। वहीं, साड़ी से गला कसकर हत्या करने की पुष्टि हुई, जबकि ज्वलनशील पदार्थ से शव जलाने की पुष्टि नहीं हो सकी है।
एसओ अनिल सक्सेना ने बताया कि प्रेम-प्रसंग में हत्या की बात सामने आई है। हत्यारोपी प्रेमी जहर खाकर जिला अस्पताल में भर्ती है। आरोपी की हालत में सुधार होने के बाद जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीमा विवाद मेें घंटों पड़ा रहा शव
देहात कोतवाली व हरियावां थाने की सीमा विवाद केे चलते महिला का शव जंगल में घंटों पड़ा रहा।
आखिरकार मरई व बरगावां ग्राम सभा के ग्राम प्रधानों से बातचीत कर विवाद साफ हो सका। हरियावां सीमा में शव पड़े होने की पुष्टि हो सकी। जिसके बाद हरियावां पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर शव को कब्जे में लिया था।
मोबाइल से खुलेगा हत्या का राज
मृतका के पति महेश के मुताबिक, सोनश्री के पास मोबाइल रहता था। जब उसका शव मिला था, तो पास में मोबाइल नहीं था। उसका मोबाइल मिलने के बाद हत्या का राज खुल सकेगा। पुलिस मोबाइल बरामदगी के प्रयास में जुटी है।
पुलिस जाग जाती तो बच सकती थी जान
सोनश्री के गायब होनेे की सूचना उसके पति को शुक्रवार की दोपहर में मिल गई थी।
उसका आरोप है कि उसने प्रेमी जितेंद्र पर भगा ले जाने का शक जताकर देहात कोतवाली में तहरीर देने गया था, लेकिन पुलिस ने फोर्स न होने की बात कहकर तहरीर लेने से मना कर दिया।
महेश का कहना था कि अगर पुलिस घटना को गंभीरता से लेती तो पत्नी की जान बच सकती थी। पुलिस की कार्यशैली से परिजनों में आक्रोश है।
मां के आने की राह देख रहा मासूम
सोनश्री के तीन बच्चे हैं, जिसमें सबसे छोटा दो वर्ष का बेटा जितेश है। पति का कहना है कि शुक्रवार को सोनश्री ने उसे खाना बनाकर दे दिया था। इसकेेे बाद वह हरदोई ट्रैक्टर चलाने आ गया था। देर शाम तक मासूम जितेश मां के आने की राह देखता रह गया।