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फर्जीवाड़ा कर ठगी करने वाले गैंग को पकड़ा, 15 वाहन बरामद

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फोटो-11-आरोपियों के बारे में कोतवाल दीपक शुक्ला से जानकारी लेते एसपी अजय कुमार। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। योजनाओं का लाभ देने के नाम पर ग्रामीणों से अभिलेख लेकर बाइक फाइनेंस कराकर गिरवी रखने वाले गिरोह का शहर कोतवाली पुलिस ने खुलासा किया है। चार शातिरों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर 12 बाइकें और तीन स्कूटी बरामद की हैं।
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शुक्रवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी अजय कुमार ने बताया कि सीओ सिटी विकास जायसवाल को पता चला था कि पिहानी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम कल्याणी निवासी संतोष गैंग चला रहा है। इसके सदस्य ग्रामीण क्षेत्र के भोले-भाले लोगों को बरगलाकर उनके आधार कार्ड समेत अन्य अभिलेख ले लेते थे। इन्हीं अभिलेखों के जरिये विभिन्न फाइनेंस कंपनियों से बाइक और स्कूटी फाइनेंस करा लेते थे।
बाद में यह वाहन 30 से 50 हजार रुपये में गिरवी रख देते थे। इस पर पुलिस ने संतोष को उसके घर से पकड़ लिया। उसके साथ गैंग में शामिल पिहानी के कटरा बाजार निवासी हरिनाम प्रजापति, टड़ियावां थाना क्षेत्र के हरिहरपुर निवासी रामनिवास और देबियाफत्तेपुर निवासी विजयपाल को गिरफ्तार किया है। एसपी ने खुलासे के लिए सीओ सिटी विकास जायसवाल और शहर कोतवाल दीपक शुक्ला को शाबासी दी है। टीम को बीस हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
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महकमे से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि सीतापुर के पिसावां थाना क्षेत्र के चौखड़िया निवासी मेवालाल के घर पर कुछ दिन पहले बाइक एजेंसी के दो कर्मी पहुंचे। उन्होंने कहा कि तुम्हारे नाम से बाइक ली गई है और इसकी किस्तें अदा नहीं की जा रहीं। यह सुनकर मेवालाल सकते में आ गया और उसने बाइक न होने की बात कही और पूरे मामले की शिकायत सीओ सिटी विकास जायसवाल और शहर कोतवाल दीपक शुक्ला को दी। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो, परत दर परत मामला खुलता चला गया। मेवालाल से यह कहकर अभिलेख लिए गए थे कि किसानों के लाभ की योजना आई है और उसका लाभ दिलाने के लिए अभिलेख चाहिए।
बरामद 15 वाहनों में से किसी पर भी पंजीकरण नंबर नहीं है। बाइक और स्कूटी फाइनेंस कराने के बाद जब किस्तें अदा नहीं की जाती थीं, तो एजेंसी वाले आरसी और बीमा के कागज अपने पास रोक लेते थे। कई ऐसे मामले भी सामने आए जब वसूली के लिए फाइनेंस कंपनी के लोग संबंधित व्यक्ति के पास पहुंचे तो उसे पता ही नहीं था कि उसके नाम से बाइक फाइनेंस हो गई है।
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