विभागीय अफसरों की मिलीभगत से जिले धड़ल्ले से
डग्गामार वाहन दौड़ रहे हैं। विभाग की ओर से डीएम की ओर से डग्गामार वाहनों
के विरुद्ध चलाया गया अभियान महज औपचारिकता में ही सिमट कर रहा गया है।
जिले में डग्गामार वाहन धड़ल्ले से दौड़ रहे हैं।
ज्ञात हो कि जिले में
डग्गामार वाहनों की भरमार है। इनमेें निर्धारित मानक से अधिक सवारियां ढोई
जा रही हैं। इससे आए दिन सड़क हादसे हो रहे हैं, वहीं डग्गामार वाहनों के
कारण परिवहन विभाग को प्रति माह करोड़ों के राजस्व का चूना लग रहा है।
जिले
में बढ़ रहे सड़क हादसों और डग्गामार वाहनोें पर अंकुश लगाने को डीएम रमेश
मिश्र ने 16 जून को एआरटीओ को निर्देश जारी किए थे। जिस पर विभाग हरकत में
आया और डग्गामार वाहनों के विरुद्ध एक दो दिन अभियान चलाया, इसके बाद फिर
पुराने ढर्रे पर आ गए।
जिसका लाभ उठा कर डग्गामार वाहन लोगों के जीवन के
साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। जिले में कृषि कार्य के वाहनों पर सवारियां ढोई
जा रही हैं। एआरटीओ विभाग की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार डग्गामार
वाहनों के विरुद्ध अभियान में 580 वाहनों की जांच की गई। जिसमें 95 का चालन
किया गया और 11 वाहन सीज किए गए।
उधर, शहर में तीन किमी परिधि में बसे शहर
में दौड़ रहे करीब 400 आटो बेलगाम होकर संचालित हो रहे हैं। इस समय जिले
में स्कूटरों की संख्या 1349, मोपेड 1629, बाइक 1,25,000, कार 6050, जीप
2230, ट्रैक्टर 20,000, भारी वाहन करीब 4000, टैक्सी करीब 1100 आदि वाहन
हैं।