हरदोई। स्पेशल चाइल्ड यानी शारीरिक, मानसिक या आंखों से कमजोर बच्चों की शिक्षा के लिए जारी बेसिक शिक्षा विभाग की समेकित शिक्षा का बजट इस बार पंचवर्षीय आधार पर तैयार किया जा रहा है।
अब तक यह बजट एक वर्ष के लिए ही बनाया जाता रहा है। एक साथ पांच वर्षों के लिए बजट तय हो जाने से ऐसे बच्चों के लिए शैक्षिक उपकरण की उपलब्धता पर कोई संशय नहीं रहेगा।
जिले को प्रति यूनिट कास्ट के आधार पर अपने यहां बच्चों की संख्या के अनुपात में यूनिट का प्रस्ताव भेजना है। समेकित शिक्षा के जिले में सात हजार 141 दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करने के लिए बजट तैयार किया जा रहा है।
इस बजट में इन बच्चों को शिक्षण के लिए उपलब्ध कराने वाले उपकरण शामिल हैं। बजट को पांच श्रेणियों की मदों में विभाजित किया गया है।
जिला स्तरीय, सीधे बच्चों के लिए, आईसीडीएस वर्कर्स के माध्यम से, कैंपस स्तर पर मूल्यांकन के लिए और बच्चों को वितरित किए जाने वाले उपकरणों के लिए यूनिट कास्ट दी गई है।
बच्चों की संख्या व आवश्यकता के आधार पर विभाग यूनिट प्रस्तावित करेगा। यह कार्य अगले पांच वर्षों तक के लिए निर्धारित हो जाएगा। इससे पहले हर वर्ष नया बजट तैयार करना होता था।
अगले वर्षों के लिए बजट में पहले ही यूनिट कास्ट में महंगाई दर के अनुपात में वृद्धि कर दी गई है।
उधर, इस बाबत जिला समन्वयक, समेकित शिक्षा आशा वर्मा ने बताया कि इस बार समेकित शिक्षा में शामिल बच्चों की शिक्षा एवं उपकरणों के लिए पंचवर्षीय बजट की व्यवस्था की गई है। बच्चों के लिए जितने उपकरणों और शिक्षण सामग्री की आवश्यकता है, उसका प्रस्ताव भेजा जा रहा है।