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Hardoi News: गांवों और खेतों में छोड़ गई बाढ़ तबाही, किसान परेशान

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फोटो 38 : ​बिलग्राम के भीखा पुरवा के गलियारे में भरा बाढ़ का पानी। स्रोत : ग्रामीण
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हरदोई। बैराजों से पानी छोड़े जाने के बाद भी अब नदियों का पानी तेजी से कम हो रहा है। गंगा और रामगंगा नदी का पानी चेतावनी बिंदु के आसपास आ गया है। गांवों और खेतों में बाढ़ तबाही के निशान छोड़ गई है। गांवों, आसपास और खेतों में भरे पानी से नुकसान हो रहा है। बीमारियों के पनपने की आशंका तेजी से बढ़ती जा रही है। फसलों और मकानों को नुकसान पहुंचा है।
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बैराजों से छोड़े जाने वाले पानी के आगे निकलने से अब गंगा, रामगंगा नदियों का पानी कम होने लगा है। 24 घंटे में गंगा नदी का पानी 20 सेंटीमीटर कम हुआ है, हालांकि चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 15 सेंटीमीटर ऊपर बना हुआ है। रामगंगा नदी के पानी में 21 सेंटीमीटर की कमी आई है। पानी चेतावनी बिंदु 136.60 मीटर से 20 सेंटीमीटर ऊपर है।
गर्रा नदी के पानी में तीन सेंटीमीटर पानी बढ़ा है और पानी 129.42 मीटर पर पहुंचा है। तीनों ही नदियों का पानी अब नदियों के दायरे में आ गया है। जिससे प्रभावित करीब 150 गांवों में बाढ़ का असर तो कम हुआ है, लेकिन गांवों, आसपास और खेतों में पानी भरा होने फसलों और मकानों को नुकसान पहुंच रहा है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष से बताया कि शनिवार को गंगा नदी में हरिद्वार बैराज से 62,242 क्यूसेक और नरौरा बैराज से 71,077 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। गर्रा नदी में पीलीभीत के ड्यूनी बैराज से 12,988 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है।
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बिलग्राम क्षेत्र में गंगा नदी की बाढ़ का पानी अब घटने लगा है। गांवों के गलियारों किनारे से पानी लगातार निकलकर कम हो रहा है। क्षेत्रवासी पानी घटने से कुछ राहत महसूस कर रहे हैं। 36 दिनों से लगातार बाढ़ की विभीषिका झेल रहे ग्रामीण अभी पूरी तरह से निकल नहीं पाए हैं। गांवों के गलियारों में संपर्क मार्गों में पानी भरा होने से चिंतित हैं। एसडीएम एन राम ने बताया कि प्रभावित मकानों और फसलों का सर्वे का कराया जा रहा है। नुकसान की भरपाई के लिए जल्द ही आर्थिक मदद भी दिलाई जाएगी।

फोटो 38 : बिलग्राम के भीखा पुरवा के गलियारे में भरा बाढ़ का पानी। स्रोत : ग्रामीण

फोटो 38 : बिलग्राम के भीखा पुरवा के गलियारे में भरा बाढ़ का पानी। स्रोत : ग्रामीण

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