- सांडी थाना क्षेत्र का मामला- आरोपियों में एक पर पहले भी न्यायालय के आदेश से दर्ज कराई थी प्राथमिकी
संवाद न्यूज एजेंसीहरपालपुर। सांडी थाना क्षेत्र के सरौना निवासी ऑटो चालक की संदिग्ध हालात में मौत के मामले में हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गई है। दरअसल ऑटो चालक ने कुछ माह पहले बिलग्राम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में तैनात कर्मचारियों समेत कुछ लोगों पर न्यायालय के आदेश से प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इन्हीं में शामिल कुछ लोगों पर ऑटो चालक के पिता ने हत्या का आरोप लगाया है। छह लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है।
सरौरा निवासी रिशेंद्र (30) ऑटो चालक था। पिता देवेंद्र का कहना है कि सांडी थाने की पुलिस ने 28 जनवरी की शाम सात बजे रिशेंद्र की मौत होने की जानकारी फोन पर दी थी। दावा है कि पुलिस ने कहा था कि रिशेंद्र ने फंदा लगाकर जान दी है। आरोप है कि थाने में पहुंचने पर उन्हें बताया गया कि ऑटो में टक्कर लगने से उसकी मौत हुई है। उधर दूसरी ओर पुलिस का दावा है कि सांडी थाना क्षेत्र के मसूदपुर गांव आम के बाग में पेड़ पर रिशेंद्र का शव फंदे से लटकता मिला था। पुलिस के बयान बदलने का आरोप लगाते हुए देवेंद्र ने छह लोगों पर हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए शिकायत पुलिस से की। प्रभारी निरीक्षक बसंतराम ने बताया कि दुर्गागंज निवासी कुलदीप द्विवेदी, ब्रम्हस्वरूप, सूरज द्विवेदी, मुरारी अग्निहोत्री, विकास द्विवेदी और रिजवान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पूरे मामले में महत्वपूर्ण यह भी है कि रिशेंद्र ने न्यायालय से आदेश कराकर 18 अक्तूबर 2024 को बिलग्राम कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बिलग्राम सीएचसी के कथित फार्मासिस्ट रिजवान समेत छह लोगों पर आरोप लगाया था। इन सभी पर आरोप था कि रिशेंद्र की पत्नी मनीषा को प्रसव पीड़ा होने पर वह सीएचसी ले गया था। वहां प्रसव कराने के नाम पर उससे रुपये मांगे गए थे। रुपये न होने पर भर्ती नही किया गया था। अगले दिन 1500 रुपये देने पर प्रसव कराया गया। नवजात की इस दौरान मौत हो गई, जबकि पत्नी की हालत भी बिगड़ गई है। पूरे मामले में बिलग्राम पुलिस ने जांच की थी। सीओ बिलग्राम रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि रिशेंद्र के पोस्टमार्टम में फंदा लगने से मौत होने की बात सामने आई है। फिर भी सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।