सांडी। कस्बे के अलग-अलग मोहल्लों में बड़ी संख्या में लोग बुखार से पीड़ित हैं। दो लोगों की मौत भी हो चुकी है। लेकिन न तो स्वास्थ्य विभाग और न ही नगर पालिका के जिम्मेदारों ने सुध ली है। इससे लोगों में रोष है।
कस्बे के मोहल्ला नवाबगंज, कोरियाना, खालसा, मुंशीगंज, नौशहरा में बड़ी संख्या में लोग बुखार से ग्रस्त हैं। मोहल्ला नवाबगंज निवासी राजकुमार की पत्नी मिथलेश (45) की बुखार के कारण बीते दिनों मौत हो गई थी। जबकि उनकी पुत्री पिंकी (26) बुखार से पीड़ित होने के कारण लखनऊ में भर्ती हैं। उनके ही दो पुत्रों निगम और प्राशू का उपचार भी चल रहा है। इसी मोहल्ले की परवीन (18) पुत्र छुन्नीलाल हरदोई के एक अस्पताल में भर्ती हैं।
नवाबगंज निवासी अक्षर पुत्र सचिन, किंदरलाल, आलम पुत्र इशरत भी बुखार से पीड़ित हैं। मोहल्ला खालसा निवासी काजल पुत्री सुनील भी बुखार से परेशान हैं। सराय मुल्लागंज में रामजी पुत्र रामसरन, आशीष तिवारी पुत्र सुभाष तिवारी, मुंशीगंज निवासी पवन पुत्र विपिन कश्यप के अलावा व्यापारी ओम प्रकाश गुप्ता का पूरा परिवार भी बुखार की चपेट में है।
सीएचसी अधीक्षक ने ईओ पर साधा निशाना
सीएचसी सांडी के अधीक्षक डॉ. आशीष अग्रवाल ने बताया कि दवाओं का छिड़काव जब तक घरों के अंदर नहीं होगा तब तक इस पर अंकुश लगाना कठिन है। उन्होंने कहा कि नगर पालिका को संबंधित क्षेत्रों में दवाइयों का छिड़काव कराना चाहिए। नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी के प्रति नाराजगी जता उन्होंने कहा कि ईओ संचारी रोग से निपटने के लिए चल रहे अभियान की बैठकों में भी नहीं आते।