हरदोई। विकास कार्यों को गुणवत्तापरक कराने और निगरानी का दायित्व संभालने वाले खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) अपने ही कार्यालय में गुणवत्तापूर्ण इंटरलॉकिंग नहीं लगवा पाए। इसकी पुष्टि सीडीओ सान्या छाबड़ा की ओर से गठित समिति की रिपोर्ट में हुई। हरपालपुर बीडीओ कार्यालय में चालू वित्तीय वर्ष के दिसंबर माह में ही लगवाई गई इंटरलॉकिंग के पीसीसी से लेकर इंटरलॉकिंग ब्रिक्स तक में मानकों की अनदेखी की गई।
हरपालपुर विकास खंड कार्यालय परिसर में इंटरलॉकिंग लगवाए जाने का काम दो टुकड़ों में कराया गया है। ब्लॉक कार्यालय परिसर में सामुदायिक शौचालय के पास 439.59 वर्ग मीटर में जिगजैग इंटरलॉकिंग लगवाए जाने के लिए 7,04,000 रुपये की 15 दिसंबर 2025 को तकनीकी स्वीकृति दी गई थी। वहीं, दूसरे कार्य को विकास खंड परिसर में इंटरलाॅकिंग नाम दिया गया। इस एस्टीमेट में 481.09 वर्ग मीटर जिगजैग इंटरलॉकिंग लगवाए जाने के लिए 15 दिसंबर 2025 को ही 7,76,000 रुपये की तकनीकी स्वीकृति दी गई। काम कराने में निविदा से लेकर भुगतान तक में गड़बड़ी की गई।
पत्रावली पर निविदा प्रक्रिया में मेसर्स घनश्याम इंटरप्राइजेज की दर सबसे कम होने का जिक्र किया गया जबकि काम का कार्य आदेश मेसर्स एके इंटरप्राइजेज को दिया गया। भुगतान घनश्याम इंटरप्राइजेज को किया गया। पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-दो के अधिशासी अभियंता आशुतोष कुमार गोंड और सदस्य पीडब्ल्यूडी निर्माण खंड-एक के सहायक अभियंता संतोष कुमार रावत की ओर से सीडीओ को जांच आख्या सौंपी गई। एस्टीमेट और माप पुस्तिका के अनुसार इंटरलॉकिंग ब्रिक्स की मोटाई 80 मिलीमीटर दर्शाई गई जबकि जांच में 75 मिलीमीटर की ब्रिक्स मिली। ब्रिक्स की स्ट्रेंथ अधोमानक है और सतह भी ठीक नहीं है। मिट्टी कटाई और भराई के काम के साथ ही प्लेन, सीमेंट, कंक्रीट (पीसीसी) के कार्य में सीमेंट की मात्रा भी अधोमानक है।
-
माप पुस्तिका के अनुसार यह किया गया भुगतान
विकास खंड परिसर में सामुदायिक शौचालय के पास इंटरलॉकिंग के काम में करीब 115 घन मीटर मिट्टी भराई, 43.96 घन मीटर पीसीसी कार्य और 439.59 वर्ग मीटर इंटरलॉकिंग काम के लिए माप पुस्तिका के मुताबिक, 7,02,646 रुपये का भुगतान मेसर्स घनश्याम इंटरप्राइजेस को किया गया है। वहीं, दूसरा काम विकास खंड परिसर में इंटरलॉकिंग के काम में 126 घन मीटर मिट्टी भराई, 48.11 घन मीटर पीसीसी और 481 वर्ग मीटर इंटरलॉकिंग काम और साइन बोर्ड सहित 7,74,878 रुपये का भुगतान किया गया है।