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दस हजार छुट्टा मवेशी फसलों को कर रहे तबाह

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खेत में खड़ी फसल को चट करते मवेशीफोटो- 19 हरपालपुर के पशु चिकित्सालय में बंद किए गए मवेशी। - फोटो : HARDOI
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हरदोई। प्रशासन मवेशियों को गोशाला में भिजवाने और अस्थायी पशुबाड़े बनवाने की बात कह रहा है। लेकिन हकीकत में करीब दस हजार मवेशी छुट्टा घूम रहे हैं। लंबे समय से भरावन, बघौली, हरपालपुर, सवायजपुर, बेनीगंज, गोपामऊ समेत अन्य क्षेत्रों के करीब 250 गांवों के किसान फसलों को बचाने के लिए रतजगा कर रहे हैं। सुनवाई न होने पर पिछले कुछ दिन से किसान स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और अन्य सरकारी भवनों में छुट्टा मवेशियों को बंद कर प्रदर्शन कर रहे हैं। हालातों की हकीकत बताती रिपोर्ट।
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कोतवाली व पशु चिकित्सालय में डाला डेरा
हरपालपुर। फसल बर्बाद होेने से गुस्साए कस्बे के किसानों ने शुक्रवार को 100 गोवंशों को कोतवाली व पशु चिकित्सालय परिसर में बंद कर दिया। पुलिस ने किसानों को खदेड़कर गोवंश बाहर निकलवाए। डीएम के निर्देश पर पहुंचे बीडीओ डॉ. संतोष वर्मा व प्रभारी निरीक्षक उमाकांत दीपक ने किसानों से वार्ता कर गोवंशों को गोशाला में भेजने की व्यवस्था कराई। सुबह से देर शाम तक कोतवाली व चिकित्सालय में बड़ी संख्या में किसान डेरा डाले रहे। ब्लाक की 63 ग्राम पंचायतों में करीब तीन हजार गोवंश रबी की फसल बर्बाद कर रहे हैं। कोतवाली में सांड़ ने हेड कांस्टेबल पारसनाथ मिश्रा पर हमला कर घायल कर दिया। उन्हें सीएचसी में भर्ती कराया गया है। (संवाद)
सचिवालय में किया प्रदर्शन
भरावन। पांच जनवरी को मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित संदीप पांडेय, भाकियू नेता व किसान छुट्टा मवेशियों को मुख्यमंत्री आवास तक ले जाने की तैयारी में थे। सीतापुर सीमा पर अफसरों ने किसी तरह उन्हें रोक लिया था। शुक्रवार को भी लालपुर के किसानों ने सचिवालय में मवेशियों को बंद कर प्रदर्शन किया। क्षेत्र के दुलानगर, फत्तेपुर, मंडौली, कौड़िया, श्यामदासपुर, कुरौन्ध, जखवा, लालपुर, भरावन, एरा काकेमऊ के ग्रामीणों ने छुट्टा मवेशियों को सरकारी व प्राइवेट भवनों में भरकर प्रदर्शन किया। जखवा, भटपुर, कूड़ा, रसुलवा, सीकरी, गोकुला आदि गांवों में 3000 छुट्टा मवेशी हैं। (संवाद)
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कर्मचारी लौटा रहे
बेनीगंज। गौरी कोथावां व थानगांव में आश्रय स्थल होने के बावजूद सैकड़ों मवेशी फसलों को नष्ट कर रहे हैं। किसानों के मुताबिक आश्रय स्थल पर कर्मचारी मवेशियों को रखने से मना कर देते हैं। किसान मुकेश सोनी, शरीफ, जसवंत कुमार, कन्हैया लाल अवस्थी का आरोप है कि क्षेत्र में पशुओं को लेकर अधिकारियों द्वारा शासन के निर्देशों को अमल में नहीं लाया जा रहा है। (संवाद)
सुरक्षा की गुहार लगाई
सवायजपुर। भरखनी विकासखंड में भी मवेशी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं। परेशान किसानों ने तीन दिन पहले बड़ौरा के विद्यालय में गोवंश बंद कर दिए थे। बड़ौरा, मेहंदियारपुर, बिरसिंहपुर, मदनापुर, कन्हारी, कनकापुर, भरखनी, महमूदपुर, मुंडेर, रम्पुरा, घोड़ीधर, विवियापुर, माननगला, थरिया आदि ग्रामों के लोगों ने फसलों की सुरक्षा की गुहार लगाई है। (संवाद)
पुलिस पर धमकाने का आरोप
बघौली। अहिरोरी ब्लाक की ग्रामसभा थोक माधव के किसानों ने तीन दिन पहले लगभग 60 मवेशियों को गांव के सामुदायिक भवन में बंद कर दिया था। आरोप है कि बघौली पुलिस ने किसानों को इस बात के लिए धमकाया कि सरकारी भवन में मवेशियों को क्यों बंद किया गया। इससे एक दिन पहले किसानों ने करीब 100 जानवर अहिरोरी के पंचायत भवन में बंद किए थे। (संवाद)
एक वर्ष पहले अन्ना पशुओं की गणना कराई गई थी, तब 22,484 मवेशी थे। इनमें से 17 हजार मवेशी पशुबाड़े में बंद हैं। छुट्टा मवेशियों को बंद करने के लिए पुरानी गोशाला में टिन शेड बढ़ाए जा रहे हैं। 148 ग्राम पंचायतों में अस्थायी पशुबाड़े बनाए गए हैं। - जे एन पांडेय, जिला चिकित्सा अधिकारी
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