हरदोई। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाला 594 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेस वे जनपद में 103 किलोमीटर लंबाई से गुजरेगा। इसके लिए तीन तहसीलों के 103 गांवों से लगभग 1126 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जानी है। 92 प्रतिशत भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह एक्सप्रेस वे क्षेत्र के विकास को नई दिशा देगा। एक्सप्रेस वे बनने से रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को शाहजहांपुर में सबसे लंबे एक्सप्रेस वे, गंगा एक्सप्रेस-वे का शिलान्यास कर दिया है। मेरठ से शुरू होकर यह एक्सप्रेस-वे 10 अन्य जनपदों से होकर प्रयागराज तक जाएगा। इनमें हरदोई भी शामिल है।
इसके लिए फरवरी से ही भूमि अधिग्रहण का काम शुरू कर दिया गया था। एक्सप्रेस-वे के लिए सवाजयपुर, बिलग्राम व शाहाबाद तहसील के कुल 103 गांवों से लगभग 1126 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत की जानी थी। जिसमें दिसंबर के मध्य तक लगभग 1039 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कर किसानों को धनराशि का भुगतान किया जा चुका है। अधिकारियों का कहना है कि सात-आठ प्रतिशत भूमि बची है, उसका भी जल्द ही यूपीडा के पक्ष में बैनामा कराया जाएगा।
वहीं बिलग्राम व सवायजपुर क्षेत्र के लोगों का कहना है कि गंगा एक्सप्रेस-वे का क्षेत्र से गुजरना जिले के लिए बड़ी सौगात है। एक्सप्रेस-वे बनने से जहां, लोगों का मेरठ से लेकर प्रयागराज तक का सफर सुगम होगा। वहीं इस रूट पर परिवहन बढ़ने पर क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
रोजगार के अवसर मिलेंगे
सवाजयपुर निवासी नीरज ने बताया कि एक्सप्रेस-वे बनने के बाद व्यापारियों और उद्यमियों का इस ओर रुझान भी बढ़ेगा, यह भविष्य के लिए अच्छे संकेत हैं। धर्मेंद्र ने बताया कि भविष्य में एक्सप्रेस-वे के किनारे की ऊसर बंजर भूमि पर सरकार द्वारा औद्योगिक पट्टी के रूप में विकसित किए जाने की योजना है। अगर ऐसा होता है तो एक्सप्रेस-वे निर्माण के बाद यहां उद्यमिता को भी गति मिलेगी। रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।