हरदाेई। काम और भुगतान में मनमानी के साथ ही जांच समिति को अभिलेख न दिखाने पर जिलाधिकारी राहुल पांडेय ने प्रशासक सहित तीन को नोटिस दिया। शाहाबाद की ग्राम पंचायत बिहिगवां की निवर्तमान प्रधान/प्रशासक और दो पंचायत सचिवों से 15 दिन के अंदर साक्ष्य सहित जवाब तलब किया। चेतावनी दी कि जवाब संतोषजनक और साक्ष्य सहित न होने पर कार्रवाई की जाएगी।
शाहाबाद की ग्राम पंचायत बिहिगवां निवासी अजय मिश्रा के शिकायती पत्र पर डीएम ने जिला खाद्य विपणन अधिकारी और जल निगम के अधिशासी अभियंता से जांच कराई थी। जांच में गड़बड़ी और मनमानी पर डीएम ने बिहिगवां की निवर्तमान प्रधान/प्रशासक कनकलता, पंचायत सचिव अमर सिंह और निवर्तमान पंचायत सचिव वीरेंद्र सिंह को नोटिस दिया। बताया कि जांच रिपोर्ट में मेन रोड से तालाब तक मिट्टी कार्य के लिए 1,15,216 रुपये की स्वीकृति के सापेक्ष प्रशासक ने 98,280 रुपये के मस्टर रोल दिखाए जबकि बबलू के खेत से छोटे भइया के खेत तक मिट्टी कार्य के लिए स्वीकृत 1,47,114 रुपये के सापेक्ष 1,10,916 रुपये के मस्टररोल दिखाए गए।
कैश बुक आदि अभिलेख पंचायत सचिव की गैरहाजिरी से नहीं जांचे जा सके थे। बालकृष्ण मिश्र के खेत से अवध पाल सिंह के खेत तक गौरिया नाले की सफाई के लिए 2,99,094 रुपये की स्वीकृति में से 2,83,814 रुपये के मस्टररोल ही दिखाए गए। बताया कि वीरभद्र और अवधेश आदि के खेत के समतलीकरण का काम मौके पर नहीं मिला।