हरदोई। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के तहत कंथा थोक बहर में दोना पत्तल की फैक्टरी में चोरी के मामले में जेई के निलंबन को अभियंता संघ ने गलत बताया और निलंबन वापस न होने पर आंदोलन की चेतावनी दी। संघ ने कहा कि 50 किलोवाट के ऊपर के कनेक्शन की जिम्मेदारी उच्चाधिकारियों की होती है। इसमें अवर अभियंता का कोई रोल नहीं है।
राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन की ओर से शनिवार को अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन दिया गया। उसमें कहा गया कि अवर अभियंता पंकज जायसवाल काे बिना दोष के द्वेषपूर्ण भावना से बिना कोई जांच किए एक तरफा निलंबित कर दिया गया। बैठक में कहा गया कि कंथा थोक बहर में पकड़ी गई बिजली चोरी में अवर अभियंता का कोई रोल नहीं है। विद्युत संयोजन 200 केवीए का है। नियमानुसार 100 एचपी से 500 एचपी तक के कनेक्शन मुख्य उत्तरदायित्व उपखंड अधिकारी वितरण, सहायक अभियंता (मीटर्स) एवं परिवेक्षणीय उत्तरदायित्व अधिशासी अभियंता (विद्युत) और अधिशासी अभियंता परीक्षण का है।
27 जून को सहायक अभियंता मीटर ने उक्त संयोजन का निरीक्षण किया गया था। अवर अभियंता पंकज जायसवाल पर लगाए आरोप गलत है। हैवी कंज्यूमर की रीडिंग के विश्लेषण का कार्य सहायक अभियंता (मीटर) और अधिशासी अभियंता (वितरण) का है। संघ ने आरोप लगाया कि दोषी अधिकारियों को बचाते हुए निर्दोष अवर अभियंता का निलंबन किया गया है। अवर अभियंता पंकज जायसवाल का निलंबन दो कार्य दिवस में वापस न हुआ तो संगठन आंदोलन करेगा। संघ के जिला इकाई के अध्यक्ष रजनीकांत रावत, आलोक रावत, महेंद्र पालीवाल, अभिषेक कुमार, पंकज जायसवाल, विजय कुमार, परमानंद, मनोज यादव, मुकेश कुमार, अमर सिंह आदि अवर अभियंता मौजूद रहे।