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मल्लावां व भरावन बा स्कूल में भी शिक्षिकाएं होंगी अटैच

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हरदोई। जिले के 20 कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों में शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया पूरी होने तक जूनियर स्कूलों की शिक्षक शिक्षिकाएं अटैच की जाएंगी। अभी तीन बा स्कूलों को चिह्नित कर वहां शिक्षिकाओं को भेजे जाने की तैयारियां शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी हैं।
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सोमवार को सहायक निदेशक बेसिक अब्दुल मुबीन व मंगलवार को सीडीओ आकांक्षा राना ने टड़ियावां कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण में शिक्षिकाओं की संख्या काफी कम होने पर सीडीओ ने आपत्ति दर्ज कराई और बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिक्षिकाओं की कमी जब तक भर्ती नहीं होती तब तक जूनियर स्कूलों से इनकी पूर्ति कराई जाए। इसके बाद अन्य बा स्कूलों का भी मुद्दा सामने आया जिसमें टड़ियावां व मल्लावां कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय भी सामने आए। इसके बाद सीडीओ ने इन तीनों स्कूलों में शिक्षिकाओं को जूनियर स्कूलों से संबद्ध किया जाए। डीसी बालिका शिक्षा अविनाश पांडे ने बताया कि टड़ियावां, मल्लावां व भरावन के बा स्कूलों में मुख्य विषयों की शिक्षिकाओं को जूनियर विद्यालयों से संबद्ध करने की तैयारियां तेज कर दी गईं हैं। जल्द ही यहां की छात्राओं को शिक्षिकाएं मिल जाएंगी। इसके बाद अन्य बा स्कूलों में स्थितियां जटिल हुईं तो वहां पर भी शिक्षिकाओं को संबद्ध करने पर आला अधिकारियों द्वारा विचार किया जाएगा।
बा स्कूलों में 66 पद हैं रिक्त
20 बा स्कूलों में शिक्षिकाओं के 66 पद रिक्त हैं। जिन पर आवेदन लिए जा चुके हैं। इन दिनों इन आवेदनों की फीडिंग का कार्य चल रहा है। फीडिंग पूर्ण होते ही काउंसलिंग की तिथि घोषित कर दी जाएगी और जल्द ही साक्षात्कार के बाद जिले के 20 बा स्कूलों को शिक्षिकाएं मिल जाएंगीं।
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मल्लावां में एक तो भरावन में दो शिक्षिकाएं संभाले हैं स्कूल
मल्लावां विकास खंड स्थित बा स्कूल में एक हिंदी की शिक्षिका एवं भरावन बा स्कूल में प्रभारी वार्डन व अंशकालिक शिक्षिका ही स्कूल संभाले हैं। प्रत्येक विद्यालय में 100-100 बालिकाएं पंजीकृत हैं।
40 फीसदी ही छात्राओं की उपस्थिति
एक तरफ बा स्कूलों में शत प्रतिशत छात्राओं को बुलाए जाने के निर्देश हैं तो दूसरी तरफ शासन की ओर से ही कोविड-19 के नियमों का पालन करने के भी आदेश हुए हैं। ऐसे में जिले के बा स्कूलों में दोनों निर्देशों का पालन नहीं हो पा रहा है। छात्राओं की उपस्थिति 40 फीसद के आस पास है। स्कूल के जिम्मेदारों का कहना है कि हास्टल में 100 बालिकाओं की छह फीट की दूरी का पालन करवा पाना संभव नहीं है।
शिक्षण में नहीं आने दी जाएगी समस्या: डीसी
जिला समन्वयक बालिका शिक्षा अविनाश पांडे ने बताया कि बा स्कूलों में बच्चियों के शिक्षण में किसी तरह की लापरवाही नहीं होने दी जाएगी। शिक्षक शिक्षिकाएं जल्द संबद्ध होंगे। नियुक्ति प्रक्रिया पूरी होने के बाद कड़ाई से शिक्षा की गुणवत्ता को पूरा कराया जाएगा।
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