हरदोई। मेडिकल कॉलेज को निर्बाध 24 घंटे बिजली आपूर्ति देने का दावा अभी भी हवाई साबित हो रहा है। मन्नापुरवा उपकेंद्र से मेडिकल कॉलेज तक डाली गई अंडरग्राउंड केबल में फाल्ट आने से व्यवस्था लड़खड़ा गई है। केबल की खराबी के बाद मेडिकल कॉलेज की बिजली आपूर्ति फिलहाल ओवरहेड तार के सहारे चल रही है। ऐसे में आपूर्ति बाधित होते ही मेडिकल कॉलेज की भी बिजली गुल हो जाती है। इसका सीधा असर मरीजों के इलाज और अस्पताल की जरूरी सेवाओं पर पड़ रहा है।
मेडिकल कॉलेज में हर दिन सैकड़ों मरीज ओपीडी, इमरजेंसी और आईसीयू में भर्ती रहते हैं। बिजली गुल होते ही डायलिसिस यूनिट और ऑपरेशन थिएटर जैसी अति-संवेदनशील सेवाएं प्रभावित होने लगती हैं। इसके अलावा लिफ्ट बंद होने से इमारतों में जाने के लिए भी मरीजों को परेशान होना पड़ता है। बिजली की समस्या को देखते हुए ही मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने बिजली विभाग से 24 घंटे आपूर्ति के लिए प्रस्ताव दिया।
इस प्रस्ताव पर मेडिकल कॉलेज में सब स्टेशन का निर्माण कर 1230 केवी के तीन ट्रांसफार्मर भी लगाए गए हैं लेकिन मन्नापुरवा से 24 घंटे आपूर्ति शुरू नहीं की जा सकी। बता दें, कि मन्नापुरवा से मेडिकल कॉलेज तक अंडर ग्राउंड केबल बिछी है। ताकि, बाहरी लाइन में होने वाले फाल्ट या कटौती का असर सीधे अस्पताल पर न पड़े। लेकिन केबल में फाल्ट आने के बाद यह व्यवस्था प्रभावी नहीं रह गई है। अब ओवरहेड लाइन से आपूर्ति होने के कारण सामान्य तौर पर होने वाली बिजली कटौती का असर भी मेडिकल कॉलेज तक पहुंच रहा है।
मरीजों को उठानी पड़ रही परेशानी
बिजली जाने के बाद लिफ्ट बंद हो जाती है। इससे मरीजों और तीमारदारों को परेशानी उठानी पड़ती है। अस्पताल में बिजली पर निर्भर उपकरणों और व्यवस्थाओं पर भी इसका असर पड़ता है। सबसे गंभीर स्थिति उस समय बनती है, जब बिजली कटौती के दौरान ऑपरेशन चल रहा हो या मरीज को तत्काल उपचार की जरूरत हो। ऐसे में अस्पताल प्रशासन को वैकल्पिक व्यवस्था का सहारा लेना पड़ता है।
अंडर ग्राउंड केबल में कुछ तकनीकी समस्या हो गई है। इस वजह से ओवरहेड तारों से आपूर्ति की जा रही है। तकनीकी समस्या को खोजने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही फाल्ट दूर कर आपूर्ति सुनिश्चित कराई जाएगी। -प्रेम प्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता