हरदोई। गांव में रहने वाले का नगर पालिका से अदेयता प्रमाण पत्र जारी किए जाने के मामले में जिलाधिकारी राहुल पांडेय ने सख्त रुख अपनाया है। पूरे मामले की विस्तृत जांच के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है। जांच कमेटी अदेयता प्रमाण पत्र जारी किए जाने के साथ ही सभासदों की ओर से उठाए गए कई मामलों की जांच भी करेगी।
नगर पालिका के शहर में तीन वाहन स्टैंड हैं। इन तीनों स्टैंड की नीलामी कर संचालन के लिए ठेका दिया जाता है। बीते मई में हुई नीलामी के दौरान यह ठेके भैंसरी मानपुर निवासी पारुल सिंह को मिले थे। बीते 10 अक्तूबर के अंक में
अमर उजाला ने खुलासा किया था कि चहेते को ठेके देने के लिए नगर पालिका से उसका अदेयता प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया था। संवाद न्यूज एजेंसी से बातचीत में अधिशासी अधिकारी रामेंद्र सिंह ने यह भी स्वीकारा था कि गांव में रहने वाले का अदेयता प्रमाण पत्र नगर पालिका से जारी नहीं हो सकता।
दो मई को जारी हुए अदेयता प्रमाण पत्र के बाद तीनों नीलामी 16 मई को हो गई थीं और इसके अनुबंध पत्र भी जारी हो गए थे। अमर उजाला की खबर को संज्ञान में लेकर डीएम राहुल पांडेय ने दो सदस्यीय कमेटी गठित की। कमेटी में अतिरिक्त मजिस्ट्रेट प्रथम अंकित तिवारी और वरिष्ठ कोषाधिकारी अनुराग द्विवेदी शामिल हैं। सोमवार तक इनसे रिपोर्ट मांगी गई है। इस मामले के साथ ही सभासदों की ओर से उठाए गए नाला सफाई के ठेकों और आउट सोर्सिंग कर्मचारियों के ईपीएफ को लेकर भी कमेटी जांच करेगी।