ग्राम्य विकास अभिकरण की शासी निकाय की बैठक में
गुरुवार को जिल के विकास से संबंधित नए प्रस्तावों पर चर्चा की गई। सदस्य व
प्रतिनिधि कई मुद्दों पर प्रशासन के विपरीत भी नजर आए। तमाम मामले ऐसे आए
जिन पर सदस्य अफसरों को नसीहतें देते दिखाई दिए और मामले में कार्रवाई की
मांग को लेकर अड़े रहे।
हालांकि काफी देर तक निष्कर्ष न निकलने पर ऐसे
मामलों को शासन में भेजने की अपील की गई। विकास भवन में गुरुवार को बैठक
जिला पंचायत अध्यक्ष कामिनी अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई। जिसमें गत वर्ष
की कार्रवाई पर विचार विमर्श कर नए प्रस्तावों पर भी चर्चा हुई।
अग्रवाल
ने कहा कि शासी निकाय से ग्रामीणों के हित की रोजगार परक व स्वरोजगार परक
योजनाओं को लागू किया जाता है। उन्होंने ग्राम्य विकास अभिकरण के कमियों को
सेवा से जुड़े लाभों को दिलाने की बात कही और कई बिंदुओं पर चच्रा की।
उन्होंने सदस्यों के सुझावों को सुनकर अफसरों को उन पर अमल करने के निर्देश
दिए।
सांसद अंशुल वर्मा ने भी जिले के विकास कार्यों के प्रस्तावों को
सुना और कहा कि जिले के विकास में किसी प्रकार की कोताही न बरती जाए। सदस्यों
ने लोहिया ग्रामों में विकास कार्यों की जानकारी मांगी। साथ ही इंदिरा
आवास योजना में अभी तक किश्त न आने के संबंध में भी परियोजना निदेशक से
पूछा।
परियोजना निदेशक आरके यादव ने बताया कि किश्त के लिए डिमांड भेजी गई
है, धनराशि आने पर स्थानांतरण किया जाएगा। बैठक में लोहिया आवास व नहरों की
सफाई व पानी भरवाने का सुझाव दिया गया। बैठक में सीडीओ विजय गुप्ता, डीडीओ
उग्रसेन सिंह यादव, उपायुक्त मनरेगा राजनाथ प्रसाद भगत, सहायक अभियंता लघु
सिंचाई शैलेंद्र सिंह, समाज कल्याण अधिकारी एसएस श्रीवास्तव आदि मौजूद थे।