फोटो 15: राजघाट पर अधिकारियों के साथ निरीक्षण करतीं एडीएम प्रियंका सिंह। स्रोत : विभाग
हरदोई। कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को आवागमन में झटके नहीं लगेंगे। लोक निर्माण विभाग राजघाट और राजकीय मेला बेरियाघाट पर आने और जाने के मार्गों को गड्ढामुक्त करवाएगा। लोक निर्माण विभाग ने मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। एक-दो दिन में काम भी शुरू कराया जाएगा।
कार्तिक पूर्णिमा पर जिले में राजकीय मेला बेरियाघाट और राजघाट पर गंगा स्नान के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं। कार्तिक पूर्णिमा पर बेरियाघाट और राजघाट पर मेला भी लगता है। मेले में लोग अपनी जरूरत की खरीदारी करते हैं। बेरियाघाट पर श्रद्धालुओं के जाने और आने के लिए दो अलग-अलग मार्गों की व्यवस्था की गई है। वहीं, बिलग्राम-कन्नौज मार्ग से राजघाट जाने वाले मार्ग को भी दुरुस्त कराया जाएगा। लोक निर्माण विभाग ने राजघाट और बेरियाघाट जाने वाले मार्गों को गड्ढामुक्त बनाने की प्रक्रिया पूरी करा ली है। जल्द ही काम भी शुरू होगा।
चार-चार किलोमीटर लंबाई वाले मार्गों को कराया जाएगा दुरुस्त
राजघाट और राजकीय मेला बेरियाघाट जाने वाले तीन मार्गों को आवागमन के लिए चिह्नित किया गया है। तीनों मार्गों का सर्वे करा लिया गया है। मार्गों को गड्ढामुक्त बनाए जाने के लिए विभाग की तरफ से प्रक्रिया पूरी करा ली गई है। एक-दो दिन में काम भी शुरू करा दिया जाएगा। ताकि श्रद्धालुओं को आवागमन में दिक्कतें न हों। -आरके मौर्य, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी
गोताखोरों की टीम रखें और महिलाओं के लिए अलग से घाट बनवा लिए जाएं
हरदोई। कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले मेले और गंगा स्नान के लिए राजघाट पर की जाने वाली व्यवस्थाओं का अपर जिलाधिकारी प्रियंका सिंह ने अधिकारियों के साथ जायजा लिया। शनिवार को एडीएम राजघाट पहुंचीं। वहां श्रद्धालुओं के आने-जाने के लिए रास्ता, स्नान के लिए घाट और वहां पर सुरक्षा बंदोबस्त, मेले में लगने वाली दुकानों और मेले की निगरानी के लिए सीसी कैमरा और पुलिस फोर्स की तैनाती आदि के संबंध में अधिकारियों से संवाद किया। कहा कि गोताखोरों की भी व्यवस्था रखी जाए। उन्होंने गंगा स्नान और मेले को सुरक्षित और शांतिपूर्ण संपन्न कराने के लिए एसडीएम से कहा कि सभी व्यवस्थाएं पहले से ही जुटा ली जाएं। पानी में गहराई को देखते हुए रस्सी आदि बंधवाई जाए और उससे आगे न जाने की चेतावनी भी लिखवाई जाए। महिलाओं के लिए घाट और कपड़ा आदि बदलने के लिए सुरक्षित और सभी तरफ से बंद बनवाया जाए। ताकि उनकी निजता बनी रहे। एडीएम ने कहा कि मेले में खोया-पाया शिविर के साथ ही चिकित्सा शिविर और अन्य सहायता केंद्रों को भी बनवाया जाए।