फोटो- 43- कुरियर के लिए रखे पार्सल व उपहार। संवाद
फोटो- 44- अभय पांडेय। संवाद
फोटो- 45- गुड्डू। संवाद
- समय से राखियां पहुंचाने के लिए कुरियर बना बहनों का सहारा
- रोजाना सैकड़ों पार्सल हो रहे बुक, राखियों के साथ उपहार भी भेजे जा रहे
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक आते ही कुरियर कारोबार भी तेजी से बढ़ गया है। दूर रहने वाले भाइयों तक राखी समय से पहुंचाने के लिए बहनें कुरियर का सहारा ले रही हैं। इसके चलते जिले में संचालित कुरियर कंपनियों के कार्यालयों पर इन दिनों राखी के पार्सलों की होड़ लगी हुई है। रोजाना सैकड़ों की संख्या में अलग-अलग जिलों और प्रदेशों के लिए पार्सल बुक हो रहे हैं।
रक्षाबंधन के आते ही कुरियर कंपनियों के कारोबार में खासा इजाफा हुआ है। कुरियर संचालकों के मुताबिक सामान्य दिनों की अपेक्षा इन दिनों राखी के पार्सल की बुकिंग होने से काम का लोड काफी बढ़ गया है। जिले में एक निजी कंपनी के कुरियर संचालक अभय पांडेय ने बताया कि रक्षाबंधन के त्योहार को लेकर उनके पास रोजाना सैकड़ों पार्सल पहुंच रहे हैं। इनमें राखियों के पार्सल के अलावा बड़ी संख्या में मिठाई और भाई-बहनों के लिए भेजे गए उपहारों के हैं। दूर शहरों और दूसरे राज्यों में रहने वाले भाइयों के लिए बहनें पहले से ही राखी बुक करा रही हैं, ताकि त्योहार से पहले पार्सल पहुंच सके। बताया कि कुरियर के दाम में भी पहले से थोड़ा वृद्धि हुई है। वैसे तो पार्सल की बुकिंग का पैसा वजन के आधार पर लिया जाता है। जो पार्सल पहले 100 रुपये में बुक हो जाता था अब 120 रुपये लग रहे हैं। सभी जिलों और राज्यों की बुकिंग के लिए अलग किराया है।
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त्योहार से पहले बुकिंग का बढ़ा दबाव
कुरियर संचालक गुड्डू ने बताया कि रक्षाबंधन से पहले बुकिंग का दबाव और बढ़ गया है। वैसे तो कोशिश की जाती है कि तीन दिन से पांच दिन में कुरियर पहुंच जाए लेकिन दबाव बढ़ने से कुरियर लेट होने की संभावना बनी रहती है, इसलिए लोगों को कम से कम 15 दिन पहले पार्सल बुक करा देना चाहिए। बताया कि कई बहनें राखी के साथ कार्ड और छोटे उपहार भी भेज रही हैं। त्योहार के चलते कुरियर कंपनियों का कारोबार भी रफ्तार पकड़ रहा है। कर्मचारियों को पार्सल की बढ़ती संख्या को देखते हुए उनकी छंटाई और समय पर डिलीवरी के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है।