हरदोई। मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन अब कागजों में ही सिमट कर रह गया है।
नगरीय स्वास्थ्य केंद्रों पर आयोजित होने वाले जन आरोग्य मेलों में मरीज तो नजर नहीं आते, लेकिन ओपीडी रजिस्टर में मरीजों की लंबी सूची दर्ज हो जाती है। खास बात यह है कि पिछले छह माह से बिना चिकित्सक के ही मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन शहर के चंदीपुरवा नगरीय स्वास्थ्य केंद्र में हो रहा है।
हर रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में किया जाता है। इसी क्रम में रविवार को शहर के चंदीपुरवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में भी मेले का आयोजन किए जाने का दावा किया गया। संवाद न्यूज एजेंसी की टीम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में दिन में 11 बजे पहुंची, लेकिन यहां एक भी मरीज नहीं मिला।
यह बात और है कि रजिस्टर में 39 मरीजों के नाम और उम्र दर्ज मिले, हालांकि यहां तैनात फार्मासिस्ट ने 16 मरीजों के आने की बात कही थी, लेकिन रजिस्टर में 39 नाम दर्ज होने के बारे में पूछने पर कहने लगे कि सही आंकड़ा पता नहीं रहता। पीएचसी में डॉक्टर के मौजूद न होने के बारे में पूछने पर पता चला कि यहां पिछले छह माह से चिकित्सक की तैनाती ही नहीं है। छह माह पहले तक यहां एक महिला चिकित्सक तैनात थीं।
जन आरोग्य मेले में आने वाले मरीजों की जांचों के बारे में पूछने पर फार्मासिस्ट नितिन पाल ने बताया कि लैब टेक्नीशियन की तैनाती नहीं है। इसके कारण मरीजों की जांचें नहीं हो पातीं। शुगर और बीपी की जांच की सुविधा होने की बात उन्होंने कही। उनसे शुगर की जांच करने का आग्रह किया गया तो तत्काल ग्लूकोमीटर निकलवाया, लेकिन यह चला ही नहीं। काफी ठोंक पीट के बाद पता चला कि इसके सेल डाउन हो चुके हैं।
चिकित्सक की तैनाती के लिए विज्ञापन निकाल दिया गया है। जल्द ही चिकित्सक की तैनाती कर दी जाएगी। लैब टेक्नीशियन तैनात न होने की जानकारी नहीं थी। अब पता चला है तो तैनाती कर दी जाएगी। अगर ग्लूकोमीटर खराब था तो फार्मासिस्ट को डिमांड भेजनी चाहिए थी। सोमवार को नया ग्लूकोमीटर भी पीएचसी भेज दिया जाएगा। -डॉ. रोहताश कुमार, सीएमओ