फोटो-06- पटाखों की खरीदारी करते लोग। संवाद
फोटो-07- सिद्धबली हनुमान मंदिर के बाहर जलते दीपक। संवाद
फोटो-08- फुलझड़ियां छुड़ातें बच्चे। संवाद
फोटो-09- कमल का फूल खरीदते लोग। संवाद
फोटो-12- मिठाई की खरीदारी करते लोग। संवादलक्ष्मी-
- शुभ मुहूर्त में पूजन फिर देर रात तक करीब एक करोड़ के छूटे पटाखे
- दिवाली पर लोगों ने घरों, मंदिरों और प्रतिष्ठानों में किया हवन-पूजन, अर्पित किया नैवेद्य
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। दिवाली पर लोगों ने घरों, मंदिरों और प्रतिष्ठानों में पूजन-अर्चन किया। लक्ष्मी-गणेश की पूजा की, हवन-यज्ञ किया और नैवेद्य अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। शुभ मुहूर्त में पूजन के बाद देर रात तक पटाखा दगाए गए। करीब एक करोड़ रुपये की आतिशबाजी की गई।
दिवाली पर सोमवार को दिन में प्रतिष्ठानों में पर व्यापारियों-कारोबारियों ने हवन-यज्ञ और पूजन-अर्चन किया। लेखाबही आदि का पूजन किया और लक्ष्मी-गणेश की पूजा-अर्चना कर कल्याण की कामना की। वहीं शाम को शुभ मुहूर्त में लोगों ने घरों पर पूजा-पाठ किया।
लक्ष्मी-गणेश पूजन के साथ ही नैवेद्य, फल-फूल आदि अर्पित किए। भोग-प्रसाद के साथ आरती की गई। लोगों ने लक्ष्मी-गणेश के पूजन के साथ ही सुख-समृद्धि की कामना की। लोगों ने अपने घरों से लेकर प्रतिष्ठानों पर दीया प्रज्वलित किए।
घी और सरसों व तिल के तेल के दीया प्रज्वलित किए जाने के साथ ही घर के प्रमुख स्थानों पर उन्हें रखा भी गया। पूजन स्थान से लेकर तुलसी और अन्य पेड़-पौधों के पास दीया जलाने के साथ ही प्रकृति से भी कल्याण की कामना की।
वहीं पूजन के बाद देर रात तक शहर से लेकर गांवों तक आतिशबाजी होती रही। एक अनुमान के अनुसार जिले में करीब एक करोड़ रुपये के पटाखा, चर्खी, महताब, रॉकेट, गोला, अनार और आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी बिखेरने वाले पटाखा दगाए गए।
पटाखों को दगाए जाने से वातावरण में भी बारूद की महक समा गई। आतिशबाजी से वातावरण में धुआं भी खूब हुआ, लेकिन जल्द ही समाप्त भी हो गया। शहर से लेकर गांवों तक आतिशबाजी में मोहल्लों में लोगों ने एक-एक कर अपने पटाखा आदि दगाए, जिससे देर रात तक आतिशबाजी का क्रम जारी रहा।
लोगों ने मंदिरों में भी पूजा-पाठ किया। भगवान को भोग-प्रसाद अर्पित किया। मंदिरों में श्रद्धालुओं ने लक्ष्मी-गणेश के साथ ही अन्य देवी-देवताओं का पूजन-अर्चन किया। मंदिर में दीया प्रज्वलित किए और भगवान से सर्वकल्याण की कामना की।