भरावन। सीतापुर सीमा स्थित गोमती नदी पुल के नीचे जलकुंभी में फंसे मवेशियों के शवों को दूसरे दिन पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से नाव के सहारे गोमती में ही बहा दिया। अफसरों के मौके पर न पहुंचने से ग्रामीण आक्रोशित दिखे। ग्रामीणों ने सड़े-गले शवों को प्रवाहित करा जल प्रदूषित किए जाने का आरोप लगाया है।
अतरौली थाना क्षेत्र के रामपुर व सीतापुर के गांव तेरवा के बीच गोमती नदी का पुल है। गुरुवार को गोमती नदी के पुल के नीचे लगभग 24 मवेशियों के शव जलकुंभी में फंसे मिले थे। ग्रामीणों ने इसकी सूचना अधिकारियों को दी थी। सीमा-विवाद में दो घंटे शवों का मामला उलझा रहा। आखिर में नापजोख में मवेशियों के शव हरदोई की सीमा में मिलने की बात कही गई।
जिस पर अधिकारियों ने ग्रामीणों की मदद से शव गोमती मेें प्रवाहित कराए थे। शुक्रवार को तहसील का कोई अफसर मौके पर नहीं पहुंचा। पशु चिकित्साधिकारी शंभू शरण की मौजूदगी में पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से चार घंटे की मशक्कत कर नाव से शवों को प्रवाहित कराया। भरावन बीडीओ राजीव पांडेय ने बताया कि उनकी ड्यूटी भटपुर क्षेत्र में वैक्सीनेशन में लगी है। जिसके कारण वह मौके पर नहीं पहुंच पाए थे।