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Hardoi News: कैंसर के मरीजों को अब जिले में मिल सकेगी चिकित्सीय सलाह

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हरदोई। कैंसर के मरीजों को मेडिकल कॉलेज में ही इलाज मिलने की उम्मीद मजबूत हो गई है। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में दो बेड का कैंसर डे केयर सेंटर बनाया गया है। सेंटर का संचालन करने के लिए चिकित्सक को भी प्रशिक्षण दिया गया है। इसके साथ ही शासन के निर्देश पर नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों की नियुक्ति कर दी गई है।
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जिले में कैंसर पीड़ित मरीजों के उपचार के लिए कोई सरकारी व्यवस्था नहीं थी। मरीजों को लखनऊ सहित अन्य महानगरों का रुख करना पड़ता था। कीमो थेरेपी के लिए भी मरीजों को लंबी दौड़ लगानी पड़ती है। अब मेडिकल कॉलेज में भी कैंसर के मरीजों को उपचार मिल सकेगा। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में तीसरी मंजिल पर दो बेड का कैंसर डे-केयर सेंटर बना दिया गया था लेकिन चिकित्सकों के अभाव में संचालन नहीं हो रहा था।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन निदेशक ने अब मेडिकल कॉलेज के चिकित्सकों को प्रशिक्षित कर सेंटर के संचालन के निर्देश दिए हैं। निदेशक के निर्देश पर बाल रोग की विभागाध्यक्ष डॉ. मेधा गुप्ता को नोडल अधिकारी नामित कर दिया गया है और दो चिकित्सक और तीन स्टाफ नर्स को राज्य स्तर पर प्रशिक्षित कर दिया गया है। सीएमओ डॉ. भवनाथ पांडेय ने बताया कि डॉक्टर और कर्मचारियों की नियुक्ति कर जिलाधिकारी से अनुमोदन के लिए भेजा गया है।
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प्रशिक्षण लेकर आए डॉक्टर करेंगे मरीजों का इलाज
कैंसर डे-केयर सेंटर को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिले के विशेषज्ञ डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ को राज्य स्तर पर प्रशिक्षण दिया गया है। इसमें दो विशेषज्ञ चिकित्सकों में महिला रोग विभागाध्यक्ष सहायक आचार्य डॉ. मधुलिका शुक्ला व सर्जरी विशेषज्ञ सहायक आचार्य डॉ. अरविंद कुमार शर्मा शामिल हैं। नर्सिंग स्टाफ में ललिकेश सिंह, रामदेव पारीक व रामदेव प्रजापति को लखनऊ में कैंसर के इलाज और उसकी बारीकियों से जुड़ा विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।



डे-केयर सेंटर के संचालन के लिए रखा गया स्टाफ
कैंसर डे-केयर सेंटर के लिए स्टाफ की तैनाती भी की जा चुकी है। एनएचएम के अंतर्गत पहले से ही कार्यरत कर्मियों को अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। इसमें जिला सलाहकार क्वालिटी एश्योरेंस डॉ. दिलीप जायसवाल को समन्वयक, अर्श काउंसलर मो. शफी खान को सेंटर में काउंसलर और एनसीडी क्लीनिक के डीआईओ प्रशांति मोहन को डाटा मैनेजर बनाया गया है। इसके अतिरिक्त फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन और चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी भी नियुक्त कर दिया गया है।



क्या होता है कैंसर डे-केयर सेंटर
डे-केयर सेंटर पर कैंसर मरीजों को कीमो थेरेपी या अन्य आवश्यक दवाएं देने के लिए अस्पताल में 24 घंटे या कई दिनों तक भर्ती करने की आवश्यकता नहीं होती। मरीज दिन में आकर अपनी थेरेपी करवा सकते हैं और इलाज के बाद उसी दिन अपने घर लौट सकते हैं। इससे मरीजों के समय और धन दोनों की बड़ी बचत होगी।
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