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Hardoi News: तेज रफ्तार कार और कंटेनर की टक्कर से बीएससी नर्सिंग के छात्र की मौत

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हरदोई। तेज रफ्तार कार हरदोई बिलग्राम मार्ग पर हैबतपुर के पास कंटेनर से टकरा गई। घटना में कार सवार बीएससी नर्सिंग के छात्र की मौत हो गई। पुलिस ने कंटेनर कब्जे में लिया है।
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माधौगंज थाना क्षेत्र के भिठाई निवासी सुकेश कुमार (22) चंडीगढ़ में बीएससी नर्सिंग का छात्र था। होली में वह शुक्रवार सुबह ही गांव आया था। दोपहर में वह अपने दोस्तों के साथ कार से होली खेलने हरदोई जा रहा था। बिलग्राम हरदोई मार्ग पर हैबतपुर गांव के पास सामने से आ रहे कंटेनर से कार टकरा गई। रफ्तार ज्यादा होने के कारण कार कंटेनर में घुस गई। सुकेश अंदर फंस गया। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से काफी मशक्कत कर उसे बाहर निकाला।
आनन फानन उसे मेडिकल कॉलेज लाया गया। यहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी पर सुकेश के दोस्त बेहटा बुजुर्ग निवासी विशाल यादव सांडी निवासी आशीष, नवाबगंज निवासी सर्जन भी मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। यहां काफी देर तक इन लोगों ने हंगामा किया। इसकी सूचना भी शहर कोतवाली पुलिस को दी गई। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक दाेस्त पोस्टमार्टम न कराए जाने की मांग कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने नियमों का हवाला देकर पोस्टमार्टम कराया। सुकेश के पिता कमलेश कुमार लखीमपुर में प्राइवेट चिकित्सक हैं। सुकेश दो भाइयों में छोटा था।
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सर्जन तुम कहां हो जल्दी आओ मेरा एक्सीडेंट हो गया है
हादसे के बाद पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। इस पर किसी ने उसके घनिष्ठ मित्र सांडी निवासी सर्जन को सूचना दी। इस पर उसने फौरन सुकेश को फोन लगाया। उधर से आवाज आई सर्जन तुम कहां हो मेरा एक्सीडेंट हो गया है। तुम फौरन आ जाओ।

सुबह दोनों दोस्त हरदोई रेलवे स्टेशन पर साथ उतरे थे
सर्जन और सुकेश की दोस्ती दोनों परिवारों में काफी मशहूर थी। सुकेश चंडीगढ़ के एक संस्थान से बीएससी नर्सिंग कर रहा था। वहीं, सर्जन देहरादून एकेडमी में शूटिंग की प्रैक्टिस करता है। होली के मौके पर दोनों ने रामपुर जनपद से साथ हरदोई आने की योजना बनाई। सुकेश ट्रेन संख्या 12232 चंडीगढ़ सुपर फास्ट एक्सप्रेस पर सवार होकर आ रहा था। वहीं, देहरादून से रामपुर आया सर्जन भी इस ट्रेन में सवार हो गया। दोनों शुक्रवार सुबह करीब सात बजे हरदोई रेलवे स्टेशन पर उतरे। सुकेश के पिता डॉ. कमलेश व सर्जन के चाचा दृगपाल लेने आए थे। इसके बाद दोनों अपने-अपने घर पहुंच गए।
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