डा. राम मनोहर लोहिया समग्र विकास योजना के तहत बनने
वाले आवासों में अनियमितता का आरोप लगाकर भारतीय किसान यूनियन अराजनैतिक के
पदाधिकारियों ने भी शनिवार को कलक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी की और
जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर लोहिया आवासों के लिए बनी सूची की जांच कराकर
अपात्रों को बाहर कराए जाने की मांग की।
मिली जानकारी के अनुसार,
कलक्ट्रेट परिसर में ज्ञापन से पूर्व प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए
भाकियू अराजनैतिक के मंडल अध्यक्ष रावेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि जिले में
डॉक्टर राम मनोहर लोहिया समग्र विकास योजना के तहत आवासों का लाभ देने के
लिए जितने भी पात्रों को सूची में शामिल किया गया है।
उस पूरी सूची में 50
फीसदी अपात्रों से ही भरे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इनको निकाला जाना
नितांत आवश्यक है, ताकि गरीब पात्रों को सूची में स्थान मिल सके और उन्हें
भी छत का लाभ मिल सके। मंडल अध्यक्ष ने टड़ियावां ब्लाक के अलीनगर का हवाला
देते हुए बताया कि यहां भी आवास के लिए गरीब पात्रों का चयन किया गया।
आरोप लगाया कि चयन में अधिकांश अपात्रों को ही चयनित कर लिया गया। जबकि
गांव की सोनी, बिट्टो और मंजू आदि गरीब लोगों के पास छत तक नहीं है। जिनको
बाहर कर दिया गया। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार अधिकारी जांच करने के
लिए, लेकिन किसी ने न्याय संगत कोई कदम ही नहीं उठाया।
इस दौरान भाकियू
पदाधिकारियों ने नारेबाजी की तथा जिलाधिकारी रमेश मिश्र को एक ज्ञापन
सौंपकर कार्रवाई करने की मांग की। दिए गए ज्ञापन में उक्त के अलावा भाकियू
पदाधिकारियों ने आवासों की निष्पक्ष जांच कराते हुए उन्हें आवासों के
पात्रों की सूची में शामिल कराए जाने की मांग की है। इस मौके पर अचल प्रकाश
शुक्ला, सरूज प्रसाद, रामदयाल और रामऔतार आदि ग्रामीण मौजूद थे।