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भाकियू कार्यकर्ताओं ने विकास भवन में डाला ताला, हिरासत में

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-विकास भवन मे गेट पर ताला डालकर प्रदर्शन करते भाकियू लोकशक्ति के कार्यकर्ता। संवाद - फोटो : HARDOI
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हरदोई। भारतीय किसान यूनियन (लोक शक्ति) के कार्यकर्ताओं ने कई मांगों को लेकर बुधवार दोपहर विकास भवन के मुख्य द्वार पर ताला डाल दिया। इसकी जानकारी मिलते ही सीओ सिटी मौके पर पहुंचे और संगठन के जिलाध्यक्ष को फटकार लगाई। कुल 60 लोगों को हिरासत में लिया गया। इनमें से आठ को नामजद कर रिपोर्ट दर्ज की गई और पांच को जेल भेजा गया है।
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भाकियू लोकशक्ति के जिलाध्यक्ष लल्ला भाई के नेतृत्व में बुधवार को ग्रामीणों ने कलक्ट्रेट में धरना दिया। पांच सूत्री मांग पत्र नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा। ज्ञापन में एमएसपी की गारंटी देने, किसानों का कर्जा माफ करने, बिजली का बिल माफ करने, छुट्टा मवेशियों के लिए गोशाला बनवाने और ग्रामीणों को आवास व शौचालय दिए जाने की मांग की गई। इसके बाद यह लोग सीओ सिटी विकास जायसवाल के कार्यालय में पहुंचे और उन्हें भी ज्ञापन व अलग से एक प्रकरण में प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। सीओ सिटी ने निस्तारण कराने का भरोसा दिया, लेकिन संगठन के लोग विकास भवन पहुंच गए। हॉकी और डंडे लहराते हुए नारेबाजी की।
इसी दौरान कार्यकर्ताओं ने विकास भवन के गेट पर ताला डाल दिया। इसकी जानकारी विकास भवन के कर्मचारियों ने सीडीओ और सीओ सिटी को दी। कुछ ही देर में सीओ सिटी विकास जायसवाल मौके पर पहुंए गए। सीओ ने कहा कि सरकारी इमारत में ताला डालने का अधिकार किसी को नहीं है। दबाव बनाने के लिए किसी को अराजकता की छूट नहीं दी जा सकती।
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उन्होंने शहर कोतवाली से पुलिस बल बुलवाया और फिर एक प्राइवेट बस बुलवाकर सभी को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। सीओ ने बताया कि विकास भवन में ड्यूटी पर तैनात पीआरडी के जवान रणजीत की तहरीर पर लल्ला भाई संखवार, धरम सिंह, श्रीकांत, भईयालाल, रविंद्र सिंह, रामू, राम कुमार, जदुनाथ के विरुद्ध सरकारी कार्य में बाधा डालने, हंगामा करने व लाठी डंडा लहराने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है।
किसान दिवस में आए नहीं, अलग बजा रहे ढपली
सीडीओ आकांक्षा राना ने लल्ला भाई से पूछा कि समस्या थी तो किसान दिवस में क्यों नहीं बताई। इस पर लल्ला भाई ने कहा कि किसान दिवस में गए ही नहीं। कृषि अधिकारी उमेश साहू ने भी हंगामा करने वालों को आड़े हाथों लेकर कहा कि अपनी ढपली अलग बजा रहे, कोई समस्या थी तो बताना चाहिए था। इस बीच सिटी मजिस्ट्रेट सदानंद गुप्ता भी पहुंच गए और उन्होंने कहा कि जब बात सुन ली गई थी तो फिर गेट पर ताला नहीं डालना चाहिए था।
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