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Hardoi News: बेरा मशीन पर ताला, ऑडियोलॉजिस्ट है नहीं, निराश लौट रहे श्रवण बाधित

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हरदोई। जिलाधिकारी के प्रयासों और सांसद निधि के बजट से बेरा मशीन तो लग गई, लेकिन लोकार्पण के बाद ही इस मशीन पर ताला पड़ गया। श्रवण क्षमता की जांच कराने के लिए पहुंच रहे लोगों को यहां से निराश जाना पड़ रहा है। लगभग 16 लाख रुपये की लागत से मशीन तो लग गई, लेकिन यहां ऑडियोलॉजिस्ट न होने से मशीन का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।
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दरअसल, श्रवण क्षमता की जांच का काम बिना ऑडियोलॉजिस्ट के नहीं हो सकता। कानों की श्रवण क्षमता नापने के लिए बेरा मशीन का इस्तेमाल किया जाता है। जनपद में बेरा मशीन न होने का मामला अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया था। डीएम मंगला प्रसाद सिंह ने सांसद जय प्रकाश से बेरा मशीन के लिए निधि से बजट देने का अनुरोध किया। जनहित के कार्य को देखते हुए सांसद ने भी तत्काल अपनी निधि से 16 लाख रुपये देने पर सहमति व्यक्त कर दी। इसके बाद मशीन स्थापित हो गई। 16 अक्तूबर को सांसद जय प्रकाश ने डीएम की मौजूदगी में मशीन का लोकार्पण भी किया, लेकिन मशीन का इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है।


... तो श्रवण बाधितों को मिलने लगेंगे सहायक उपकरण
श्रवण बाधितों को सहायक उपकरण मिलने में काफी समस्याएं होती हैं। सहायक उपकरण के लिए श्रवण क्षमता का प्रमाण पत्र लगाना होता है। जनपद में बेरा मशीन न हाेने के कारण यह प्रमाण पत्र लखनऊ मेडिकल कॉलेज से बनवाना पड़ता है और वहां जांच के लिए तारीख बहुत लंबी मिलती है। बेरा मशीन लगने से श्रवण बाधितों काे उम्मीद थी कि अब राहत मिलेगी, लेकिन ऑडियोलॉजिस्ट न होने की वजह से सहायक उपकरण भी नहीं मिल पा रहे हैं।
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केस-1
रानीखेड़ा गांव निवासी नितिन को महसूस होता है कि उसे कम सुनाई देता है। इस पर वह 100 शैया चिकित्सालय में स्थापित बेरा मशीन में कानों की श्रवण क्षमता की जांच कराने के लिए गया। यहां उसे कोई नहीं बता पाया कि श्रवण क्षमता की जांच कौन करेगा। मजबूरी में वह वापस चला गया। मुफ्त की सलाह यह भी मिली कि लखनऊ में जांच करा लो।

केस-2
थोक माधौ निवासी रामदास की पत्नी रामबेटी को भी कम सुनाई देता है। कानों की श्रवण क्षमता जांचने वाली मशीन अस्पताल में लगी होने की जानकारी पर वह 100 शैया चिकित्सालय पहुंचीं। यहां पता चला कि मशीन तो है, लेकिन जांच करने वाला कोई चिकित्सक नहीं है। उसे भी अस्पताल के ही कुछ कर्मचारियों ने सलाह दे दी कि या तो लखनऊ मेडिकल कॉलेज में जांच कराओ या फिर लखनऊ में ही कहीं प्राइवेट।


शासन से ऑडियोलॉजिस्ट की तैनाती हो गई है। ऑडियोलॉजिस्ट ने अभी तक यहां ज्वाइन क्यों नहीं किया है, इसकी जानकारी करूंगा। पूरा प्रयास होगा कि सोमवार को ही ऑडियोलॉजिस्ट आकर काम संभाल ले। -एमपी सिंह, डीएम
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