बरवन का नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र।
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सवायजपुर। क्षेत्र के बरवन का नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सप्ताह में पांच दिन बंद रहता है। केंद्र में किसी डॉक्टर की तैनाती नहीं है। सप्ताह में सिर्फ दो दिन फार्मासिस्ट और वार्ड ब्वॉय लोगों का इलाज करते हैं। आसपास के गांवों के करीब 25 हजार लोग इलाज के लिए इस केंद्र पर निर्भर हैं। लोगों का कहना है कि इलाज के लिए भटकना पड़ता है। जिला अस्पताल करीब 35 किमी दूूर है। ऐसे में बावन, सवायजपुर और बाजपुर नकटौरा में झोलाछाप से इलाज कराने की मजबूरी है।
न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरवन में एक डॉक्टर, फार्मासिस्ट, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वाय और चौकीदार का पद है। लेकिन सिर्फ फार्मासिस्ट अरविंद और वार्ड ब्वॉय जतीराम की ही तैनाती है।
स्टाफ कम होने से यह स्वास्थ्य केंद्र सिर्फ मंगलवार और शुक्रवार को ही खुलता है। दो दिन में औसतन 50 मरीज इलाज कराने आते हैं। एएनएम भी पहुंचती हैं। ऐसे में गर्भवतियों और बच्चों का टीकाकरण भी प्रभावित है। ग्रामीण नन्हे भैया, बबलू सिंह, राजीव सिंह, कुलदीप सिंह आदि ने बताया कि अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर कई बार सीएमओ से शिकायत कर चुके हैं। लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
कर्मियों के खाली आवासों में बांध रहे मवेशी
बरवन स्वास्थ्य केंद्र का नया भवन बना है। कर्मचारियों के लिए भी भवन बना है। लेकिन स्टाफ नहीं होने से कर्मचारियों के लिए बने आवासीय परिसर में लोग मवेशी बांध रहे हैं। सफाई नहीं होने से स्वास्थ्य केंद्र से लेकर आवासों के सामने तक गंदगी फैली है।
वर्जन
सीएमओ ओपी तिवारी ने बताया कि मामला संज्ञान में नहीं था। यदि ऐसा हो रहा है तो जांच कराएंगे और नियमित स्वास्थ्य केंद्र का संचालन शुरू कराएंगे।