प्रधानाध्यापक और सहायक अध्यापिका पर कार्रवाई से खफा क्षेत्र के समस्त संकुल शिक्षकों ने बीईओ नागेंद्र चौधरी को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इनका कहना है कि डीसी प्रशिक्षण ने बिना पत्र व्यवहार पंजिका देखे दोनों शिक्षकों को अनुपस्थित दिखा दिया है।
खंड शिक्षा अधिकारी नागेंद्र चौधरी को दिए ज्ञापन में संकुल शिक्षकों ने बताया कि 28 दिसंबर को अटवा संकुल पर बैठक थी। इसमें अन्य विद्यालयों के संकुल सहित न्याय पंचायत अटवा अली मर्दनपुर के प्राथमिक विद्यालय बघौड़ा में तैनात प्रधानाध्यापक बालकृष्ण कनौजिया, सहायक अध्यापिका वैशाली पटेल भी गई थीं।
इसको पत्र व्यवहार पंजिका पर भी चढ़ाया गया। आरोप है कि उसी दिन जिला समन्वयक प्रशिक्षण राकेश शुक्ला ने बघौड़ा का निरीक्षण किया। उन्होंने प्रधानाध्यापक व सहायक अध्यापिका दोनों को ही अनुपस्थित दर्शा दिया। उनकी आख्या पर बीएसए ने दोनों के वेतन पर रोक लगा दी।
इससे क्षुब्ध सभी ब्लाक संकुल शिक्षक अपने संकुल पदों से सामूहिक इस्तीफा दे रहे हैं। त्यागपत्र देने वालों में बालकृष्ण कनौजिया, राजीव कुमार, अजय कुमार, श्रवण कुमार, प्रज्ञा देवी, कुलदीप, भूपेंद्र कुमार, नरेंद्र सिंह, प्रशांत वर्मा, अंकित कुमार सिंह, मंजू देवी, रमेश चंद्र, नरेंद्र कुमार कटियार, प्रतिभा सिंह, पारुल वर्मा सहित 38 संकुल शिक्षक शामिल हैं।
इस संबंध में डीसी प्रशिक्षण राकेश शुक्ला का कहना है कि शासनादेश के मुताबिक संकुल शिक्षक की बैठक प्रत्येक शनिवार को होती है। ब्लाक में 50 से अधिक संकुल शिक्षक हैं तो उस दिन सिर्फ छह शिक्षक ही बैठक में क्यों दर्शाए जा रहे हैं। इसमें भी एक प्रधानाध्यापक ने दो-दो बार हस्ताक्षर किए।
बताया कि निरीक्षण न हो इसको लेकर दबाव बनाया जा रहा है। उधर, बीएसए हेमंत राव का कहना है कि जानकारी मिली है। प्रत्येक पहलू पर जांच कराई जाएगी। इसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।