हरदोई। चोरी की एक बोलेरो बेचने के मामले पर शाहजहांपुर पुलिस ने गुरुवार रात छापा मार गाड़ी बेचने वाले को हिरासत में ले लिया। पुलिस गाड़ी की बिक्री पर गवाह बने टैक्सी स्टैंड संचालक को भी साथ ले गई। पुलिस सूत्रों के अनुसार एनओसी को लेकर गुरुवार को शाहजहांपुर के एआरटीओ कार्यालय में विवाद हो गया था और वहीं से गाड़ी खरीदने वाला भी लापता हो गया था, उसी पर पुलिस ने यह कार्रवाई की।
कोतवाली देहात क्षेत्र के पेड़ा गांव निवासी दारोगा नामक युवक गाड़ी चलाने का काम करता है। मार्च माह में उसने एटा जिले के जैथरा निवासी अपने किसी रिश्तेदार के माध्यम से तीन लाख 10 हजार रुपए में एक बोलेरो गाड़ी खरीदी थी। गाड़ी संतकबीर नगर की थी अभी एक माह पूर्व उसने दलाल के माध्यम से चार लाख रुपए में शाहजहांपुर के पुवायां निवासी अशोक पांडे को गाड़ी बेंच दी थी।
गाड़ी के सेललेटर पर हस्ताक्षर हो गए थे। गाड़ी की बिक्री पर जिला अस्पताल के बाहर टैक्सी स्टैंड संचालित करने वाले दीपू तिवारी ने गवाही की थी,लेकिन गाड़ी ट्रांसफर नहीं हो पाई थी। उसी को लेकर खींचतान मची हुई थी।
गुरुवार को दारोगा और अशोक का शाहजहांपुर के एआरटीओ कार्यालय में एनओसी को लेकर मिलने का वादा हुआ था। एआरटीओ कार्यालय में कुछ बातचीत हुई और उसके बाद अशोक गायब हो गया था।
उसके परिजनों ने सदर बाजार कोतवाली को अपहरण की सूचना दी थी। अपहरण की जानकारी पर खलबली मच गई और रात में ही शाहजहांपुर की सदरबाजार थाना पुलिस ने कोतवाली शहर पुलिस के साथ छापा मारा। सदर चौकी प्रभारी हरिओम गुप्ता के अनुसार शाहजहांपुर पुलिस गाड़ी बेचने वाले युवक और गवाह टैक्सी स्टैंड संचालक को अपने साथ ले गई। पुलिस के अनुसार बोलेरो गाड़ी चोरी की थी।उसका पंजीकरण प्रमाण पत्र और चेंचिस नंबर में भी अंतर था। वहीं पुलिस सूत्रों के अनुसार शाहजहांपुर पुलिस ने बोलेरो समेत गाड़ी खरीदने वाले को भी हिरासत में लिया है। इस मामले में वाहन चोरी के रैकेट की बात सामने आ रही है। सदर चौकी प्रभारी ने बताया कि शाहजहांपुर पुलिस मामले की जांच कर रही है।