शाहाबाद। निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद की दावेदारी को लेकर आयोजित बैठक में भाजपा नेता आपस में भिड़ गए। प्रत्याशी चयन को आए वरिष्ठ नेता उन्हें मूकदर्शक बन देखते रहे। मामला शांत न होने पर वे बैठक अधूरी छोड़कर चले गए।
सरस्वती शिशु मंदिर में मंगलवार को निकाय चुनाव में अध्यक्ष पद के प्रत्याशी के चयन के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक आहूत की गई थी। प्रदेश संगठन मंत्री नागेश्वर, पूर्व जिलाध्यक्ष राजीव रंजन मिश्र, भाजपा नेता अखिलेश पाठक, गौरक्षा प्रमुख सुनील शुक्ला ने पहले तीन दावेदार राजेंद्र मिश्रा, रामदास गुप्ता व गंगाराम राठौर के बीच सहमति बनाने का प्रयास किया। मामला न बनने पर बैठक में मौजूद कार्यकर्ताओं से प्रत्याशी के पक्ष मेें पर्ची पर सहमति लिखकर देने को कहा गया। जिसमें एक नाम की एक साथ तीन पर्चियां पाए जाने पर पहले राजेंद्र मिश्रा और रामदास गुप्ता के बीच विवाद हुआ फिर दोनों के समर्थक एक दूसरे से भिड़ गए और हाथापाई होने लगी। मामला तूल पकड़ता देखकर प्रत्याशी का चयन करने आए भाजपा नेता कार्यकर्ताओं को लड़ता देखकर बैठक छोड़कर चले गए।
उधर, राजेंद्र मिश्रा ने अपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में बताया कि बैठक में उनके समर्थन की तादाद अधिक होने की वजह से एक नाम की तीन पर्चियां डालकर षड्यंत्र करने का प्रयास किया गया। पार्टी पदाधिकारी उनकी प्रत्याशिता के बारे में जन आकलन करा सकते हैं। पिछले चुनाव में 11 हजार मत के साथ दूसरा स्थान रहा था। इसके विपरीत रामदास गुप्ता, उमा भारती की पार्टी से चुनाव लड़े थे और उनकी जमानत भी जब्त हो गई थी। भाजपा नगर अध्यक्ष अनिल शुक्ला ने कहा कि जनता की मांग के अनुसार राजेंद्र मिश्रा को ही चुनाव मैदान में उतारा जाएगा। वार्ता के दौरान डा. रामसागर, हाकिम सिंह, रामजी गुप्ता आदि कार्यकर्ता मौजूद थे।