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‘हर दर पे झुके सर यह मेरी...’

Mon, 20 Oct 2014 05:32 AM IST
Hardoi
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शाहाबाद। गहबारे अदल के तत्वावधान में नगर की बड़ी फील्ड में आयोजित आल इंडिया मुशायरे में हजाराें की संख्या में मौजूद दर्शकोें ने शेरो शायरी का जीभरकर लुत्फ उठाया। इस अवसर पर बसपा नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी, पूर्व मंत्री अब्दुल मन्नान, पालिकाध्यक्ष आसिफ खां बब्बू मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरुआत नात कलाम से हुई।
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शायर माजिद देवबंदी ने कलाम पेश करते हुए कहा कि ‘हर दर पे झुके सर यह मेरी शान नहीं है’। शायर फारूख आदिल लखनवी ने कलाम पेश करते हुए कहा कि ‘मेरा दिल ऐसा तोड़ा है किसी ने कहीं का भी ना छोड़ा है, किसी ने’। शायर अतीक फतेहपुरी ने कलाम पेश करते हुए कहा कि ‘हुस्न के धोखों में नादान कभी आना नहीं, अश्क आंखों में ना लाना गम से घबराना नहीं’। शायर शम गुलनाज ने कलाम पेश करते हुए कहा कि ‘बस तेरे नाम की तस्वीर पनाह करती है’। शायर वसीम रामपुरी ने कलाम पेश करते हुए कहा कि ‘बीमार को दामन की हवा क्यों नहीं देते, तुम जहर देते हो दवा क्यों नहीं देते’। शायर डा. तौफीक ने कलाम पेश करते हुए कहा कि ‘इस्लाम को मिटाने वाला ऐसा कोई पैदा नहीं हुआ’। शायर नीरा फतेहपुरी ने पढ़ा- ‘औलाद को जो अपनी उर्दू पढ़ा रहे है, वह आतंकवादियों के अड्डे बना रहे हैं’।
शायर मीशम गोपालपुरी ने पढ़ा- ‘कुछ तो दिल को सुकूं मिले खाओं मेरे सिर की कसम’। शायर तरन्नुम कानपुरी ने कलाम पेश कर समां बांधी। इस मौके पर मकसूद काकोरी, डा. अजीज मुकुस, शकील गया आदि ने कलाम पेश किए। मुशायरे की सदारत डा. एके श्रीवास्तव, संचालन वासिफ फारूखी ने किया। इस मौके पर निसार खां मासूम, नूर मोहम्मद नूरी, हसीन खां, मोहम्मद बली पीरा, तारिक खां, शब्बर खां आदि मौजूद थे। इससे पहले विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष नसीमुद्दीन सिद्दीकी व पूर्व मंत्री अब्बुल मन्नान के नगर आगमन पर पार्टी कार्यकर्ताओं द्वारा उनका स्वागत किया गया। उसके बाद वह चेयरमैन आसिफ खाँ बब्बू के आवास पर पहुंचे और वहां पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात की।
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