बिलग्राम (हरदोई)। खरीफ की फसल सूखे और बिजली की समस्या के कारण तबाह हुई है, तो रबी की फसल के लिए भी कोई खास प्रबंध अभी नहीं किए जा सके हैं। बिलग्राम व सवायजपुर क्षेत्र में एक तिहाई से ज्यादा नलकूप खराब पडे़ हैं। अधिकतर नलकूपों में बिजली को लेकर समस्या है, जिस कारण वह नहीं चल पा रहे हैं, तो कुछ तकनीकी खराबियों के कारण भी बंद पड़े है।
विभाग ने जो क्लोजर रिपोर्ट भेजी है, उसके मुताबिक 46 नलकूप बंद हैं, जबकि वास्तविकता उससे अधिक है और छोटी मोटी खराबियों से भी कहीं-कहीं गांवों में समस्या पैदा करता है और नलकूप बंद पडे़ रहते हैं। बिलग्राम नलकूप उपखंड पर पांच विकास खंडों की देखरेख एवं निगरानी कर रहा है, जहां से 7 सितंबर को एक क्लोजर रिपोर्ट बड़ अफसरों और उन विभागों को भेजी गई है, जो सिंचाई के लिए नलकूपों की देखरेख करते हैं। उधर, बिजली की समस्या से अधिकतर नलकूप बंद और खराब रहते हैं एवं मामूली फाल्ट ठीक होने में काफी समय लग जाता है। क्लोजर रिपोर्ट में सबसे बदहाल स्थित मुख्यालय बिलग्राम की ही है ।यहां 61 नलकूप सिंचाई के लिए लगाए गए हैं, जिसमें 19 नलकूप बिजली की खराबी के कारण बंद पडे़ हैं।
इसके अलावा दो नलकूप तकनीकी खराबी से जिसमें बोरिंग फेल होना मशीनरी में फाल्ट आना आदि शामिल हैं बंद हैं। इसी तरह मल्लावां विकास खंड में 23 नलकूप स्थापित हैं, जिसमें सात बिजली की खराबी के कारण नहीं चल रहे और एक नलकूप तकनीकी फाल्ट से बंद पड़ा है। माधौगंज विकास खंड में कुल 37 नलकूप स्थापित है, जिनमें 6 बिजली की समस्या से बंद पडे़ हैं और दो तकनीकी खराबी से नहीं चल पा रहे है। सांडी ब्लाक में कुल 22 नलकूप स्थापित हैं, जिसमें एक बिजली तथा एक तकनीकी खराबी से बंद है। हरपालपुर विकास खंड में 13 नलकूप लगाए गए हैं, जिसमें सात नलकूप बिजली की खराबी के कारण बंद पड़े हैं।
उधर, दो तहसीलें बिलग्राम एवं सवायजपुर में सिंचाई के लिए 156 नलकूपों की स्थापना की गई है, जिसमें से 46 नलकूप क्लोजर रिपोर्ट में खराबी से बंद पड़ा होना बताया गया है, जबकि वास्तविकता में इससे ज्यादा नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। सवाल है कि विभाग रबी की फसल तक इन नलकूपों से पानी निकाल पाएगा अथवा नहीं देखने वाली बात होगी।