बैंक प्रबंधक एक साल में लगातार हुए छह तबादलों से
आजिज आ चुके थे। इसी से वह डिप्रेशन का शिकार हो गए और उन्होंने आत्महत्या
कर ली। शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद शव उनके भाई को सौंप दिया गया। घटना
से परिजनों के आंसू नहीं रुक रहे थे।
ज्ञात हो कि शहर कोतवाली क्षेत्र
स्थिति यूनाईटेड बैंक आफ इंडिया की सिनेमा रोड़ शाखा पर कुलदीप शर्मा (55)
पुत्र तोताराम निवासी पश्चिमपुरी कालोनी आगरा प्रबंधक के पद पर तैनात थे।
वह शहर कोतवाली क्षेत्र के नघेटा रोड़ निवासी एसपी सिन्हा के मकान में
किराए पर रहते थेे। गुरुवार की देर रात उनका शव कमरे में छत से कुंडे से
प्लास्टिक की रस्सी से लटकता मिला था। उसके पास एक सुसाइड नोट मिला था।
जिसमें उन्होंने लिखा था कि वह जब से हरदोई आए है, तब से वह काफी परेशान
रहते थे। इसी के चलते उन्होंने जान दे दी। उनके पास में कारपोरेशन बैंक
कर्मी गनेश भी किराए पर रहते थे। जब उन्होंने दरवाजा बंद देखा, तो उनको कुछ
अनहोनी की आशंका हुई और घटना की सूचना अन्य लोगों को दी गई।
पुलिस ने
शव को कुंडे से उतर कर पोस्टमार्टम को भेज दिया और परिजनों को घटना की
सूचना दी। शुक्रवार को प्रबंधक के भाई प्रदीप शर्मा निवासी मोहल्ला चौबे
शहर कोतवाली जनपद बांदा परिजनों के साथ पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। बताया कि
14 दिसंबर को उनकी पुत्री की शादी थी। जिसमें वह उनके घर पर आए थे। तब काफी
प्रसन्न थे। बताया कि वह लोग अपने पैतृक घर बांदा में रहते है।
कुलदीप
अपने परिवार के साथ आगरा में रह रहे थे। उनकी पुत्री मिक्की की शादी हो
चुकी है, जबकि उसका पुत्र लकी (18) बीटेक की पढ़ाई कर रहा है। वह अपनी मां
के साथ रहता था। बताया कि उसके भाई का एक साल में छह बार तबादला किया गया।
वह कहीं भी दो से तीन माह से अधिक नहीं रुक पाए।
वह रायबरेली के बाजपुर
शाखा से डेढ़ माह पूर्व हरदोई आए थे। इससे पूर्व वह भोजपुर में दो माह,
कलकत्ता में ढाई माह, मुजफ्फरनगर व अन्य जगह दो से ढाई माह रहे। इससे वह
परेशान थे। उसी के चलते उन्होंने आत्म हत्या कर ली। शुक्रवार को
पोस्टमार्टम के बाद उनके शव को प्रदीप शर्मा को सौंप दिया गया।