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Hardoi News: काली नदी की पटरी और नीम नदी सफाई के लिए 54 लाख मंजूर

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काली नदी की सफाई करते मजदूर। - फोटो : Sanvad
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भूजलस्तर बढ़ाने के ब्लॉक स्तर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। गांवों में तालाब खुदवाने के साथ ही अब ब्लॉक द्वारा नीम नदी की सफाई और काली नदी के पटरी सफाई का कार्य कराने के लिए बजट पास किया गया है। मनरेगा योजना के तहत काली नदी की पटरी सफाई के लिए 32 लाख और नीम नदी की सफाई के लिए करीब 22 लाख रुपये का बजट पास हुआ है।
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काली नदी पर अतरौली के गांव रायपुर मुजफ्ता, आलमपुर, गदाईपुर, गांव खेड़ा, नरौना आकापुर, मीरगढ़ी, गोवली, चैंडौली बुजुर्ग, भवीगढ़, अहमदपुरा से होते हुए कौरह रघूपुरा तक पटरी सफाई का कार्य कराया जाएगा। वी-शेप में पटरी बनेगी और पटरी के सहारे बनी नालियों की सफाई होगी, जिससे उनमें होते हुए पानी काली नदी में जा सके। इस पर करीब 32 लाख रुपये खर्च होंगे और करीब 13 हजार मानव दिवस सृजित होंगे।
इसके साथ ही गांव चकाथल, बैजला, मलहपुर, मोहम्मपुर बढ़ेरा, कनकपुर, कुंजलपुर, धुर्रा प्रेमनगर, पनेहरा, महका, डडार अलूपुरा आदि स्थानों पर नीम नदी की सफाई-खुदाई का कार्य किया जाएगा। इसके लिए करीब 22 लाख रुपये का बजट मनरेगा से पास हुआ है। इसके निर्माण पर करीब नौ हजार मानव दिवस सृजित होंगे।
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काली नदी में पानी जाने से बढ़ेगा बहाव
काली नदी के किनारे झाड़ियां उग आई हैं। इससे किसानों को खेतों पर काम करते वक्त डर लगा रहता है। काली नदी में मगरमच्छ भी हैं। रामेश्वर, विजयपाल, वीरेंद्र, कालीचरन आदि किसानों ने कहा कि यदि काली नदी की पटरी सफाई होकर झाड़ियां कट जाएंगी तो किसानों को भी राहत मिलेगी। साथ ही बरसात के दौरान खेतों में भरने वाला अनावश्यक पानी तेज बहाव के साथ बनाए गए स्थान से काली नदी में जा सकता है, जिससे पानी की रफ्तार बढ़ने से काली पानी में कुछ हद तक सफाई भी हो सकती है। बारिश के दौरान कटान से भी राहत मिलेगी।


नीम नदी को पुराने स्वरूप में लाने की कोशिश

नीम नदी को कई गांवों में लोगों ने काटकर अपने खेतों में मिला लिया है। इसकी खुदाई और सफाई के दौरान उसको मूल स्वरूप में लाने की विभाग कोशिश कर रहा है।

- नदियों की सफाई होने से आसपास के किसानों को भी राहत मिलेगी और भूजल स्तर बढ़ाने में भी इससे मदद मिलती है। काली नदी की पटरी सफाई पर करीब 32 लाख रुपये खर्च होंगे।- वेदप्रकाश, बीडीओ



- मनरेगा से एक साथ 21 गांवों के लोगों को घर में ही काम मिलेगा। भूजल स्तर बढ़ने और सफाई कार्य से किसानों को लाभ होगा। नीम नदी की सफाई पर करीब 22 लाख का खर्च आएगा।- नवीन कुमार, एपीओ
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