सवायजपुर (हरदोई)। लॉकडाउन में जालंधर में फंसे फतेहपुर के पांच श्रमिक छह दिन में 405 किलोमीटर पैदल चलकर सोमवार को हरदोई पहुंचे। यहां सवायजपुर में आराम किया। अभी उनकी मंजिल 224 किलोमीटर दूर है।
फतेहपुर जिले के थाना गाजीपुर के ग्राम सरकी निवासी अनिल पुत्र राम मोहन व गांव के ही विष्णु पुत्र सौखीलाल, अवधेश पुत्र मातादीन, रामरूप पुत्र मटरु, रामसौखी पुत्र भोला, सभी पंजाब के जालंधर में मजदूरी करते हैं। अनिल ने बताया कि 25 मार्च से लॉकडाउन होने के कारण अन्य लोगों के साथ ही वह भी जालंधर में फंस गए थे। लॉकडाउन की अवधि 19 दिन और बढ़ा दी गई। इस पर ठेकेदार ने काम दिलाने व मदद देने से इनकार कर दिया। राशन पानी समेत उन्हें अन्य संकट से भी जूझना पड़ रहा था।
अनिल ने बताया कि जब परेशानी बढ़ी तो उसने साथियों संग घर लौटने का निर्णय लिया। पांचों जालंधर से 630 किलोमीटर दूर जनपद फतेहपुर स्थित घर जाने के लिए निकल पड़े। सोमवार को अनिल व उसके साथी कस्बा पहुंचे। बताया कि जालंधर से आनंद विहार तक वह पैदल पहुंचे, इसके बाद आनंद विहार से एक ट्रक में सवार होकर बरेली पहुंचे। बरेली से पैदल ही कस्बा आ पहुंचे। बताया कि बरेली से यहां तक सभी दुकानें बंद मिलीं, जिसके चलते वह खाने के लिए भी कुछ नहीं खरीद सके।
युवकों की परेशानी देख सिलवारी गांव के प्रधान पति मनोज शुक्ला, हरिओम सक्सेना, राम जी, रामस्वरूप व मूलचंद आदि ने युवकों को फल समेत भोजन मुहैया कराया और आर्थिक मदद दी। युवकों ने कहा कि पैरों में सूजन आ गई और हिम्मत जवाब देने लगी है, लेकिन वह चलना जारी रखेंगे।