हरदोई। विधानसभा क्षेत्र की साल 2025 की मतदाता सूची में करीब 4.72 लाख मतदाता ऐसे हैं जिनके न तो रिश्तेदार मिले न ही साल 2003 की मतदाता सूची में उनके नाम हैं। उन मतदाताओं की मैपिंग भी नहीं हो पा रही है। इससे उन मतदाताओं को ड्राफ्ट सूची के प्रकाशन के बाद नोटिस दी जाएगी। नोटिस पर दावा और आपत्ति के साथ ही सुनवाई की जाएगी। सुनवाई के समय साक्ष्य देने पर नाम मतदाता सूची में शामिल रखा जाएगा।
विधानसभावार फोटोयुक्त मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान में मतदाताओं का डिजिटाइजेशन और मैपिंग कराई जा रही है। जिले के आठ विधानसभा क्षेत्रों में साल 2025 की मतदाता सूची में शामिल 30,19,415 मतदाताओं का एसआईआर अभियान में फॉर्म भरवाकर डिजिटाइज्ड कराया जा रहा है। डिजिटाइज्ड के साथ ही मैपिंग भी कराई जा रही है। मतदाताओं की कराई जा रही मैपिंग में जिले में करीब 4,72,183 मतदाता ऐसे चिह्नित हुए हैं जिनके नाम न तो साल 2003 की मतदाता सूची में हैं और न ही उनके कोई रिश्तेदार (मां, पिता, दादा-दादी) के नाम भी मतदाता सूची में मिले। इससे उन मतदाताओं की मैपिंग भी नहीं हो पा रही है।
बताया कि मैपिंग न हो पाने वाले करीब 4,72,183 मतदाताओं को एसआईआर अभियान में ड्राफ्ट सूची तैयार कराए जाने के साथ ही प्रकाशन के बाद नोटिस दी जाएंगी। नोटिस पर सुनवाई की जाएगी। सुनवाई के समय भारत निर्वाचन आयोग की तरफ से दिए गए साक्ष्यों में से मतदाता को एक साक्ष्य भी देना होगा। परीक्षण में साक्ष्य सही मिलने पर संबंधित मतदाता का नाम सूची में रखा जाएगा। जिन मतदाताओं की तरफ से कोई साक्ष्य नहीं दिया जाएगा उनके नाम सूची से बाहर कर दिए जाएंगे।
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अब तक 99.24 प्रतिशत मतदाताओं का हो गया डिजिटाइजेशन
उप जिला निर्वाचन अधिकारी एडीएम प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी ने बताया कि आठ विधानसभा क्षेत्रों में साल 2025 की मतदाता सूची में 30,19,415 मतदाता शामिल हैं। एसआईआर अभियान में मंगलवार दोपहर तक 24,53,137 मतदाताओं का डाटा डिजिटाइज्ड कराया जा चुका है। साथ ही 5,43,086 मतदाता मृतक, स्थायी शिफ्टेड और गैरहाजिर व अन्य श्रेणी में चिह्नित किए गए हैं। गैरहाजिरी और स्थायी शिफ्टेड मतदाताओं की श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं में से यदि कोई मतदाता 11 दिसंबर तक फॉर्म और साक्ष्य देता है तो उसका नाम सूची में शामिल करा दिया जाएगा। बताया कि बचे मतदाताओं के फॉर्म प्राप्त कर उनका डिजिटाइजेशन और मैपिंग का काम कराया जा रहा है।
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मतदाताओं की सुनवाई के लिए लगाए जाएंगे एईआरओ
उप जिला निर्वाचन अधिकारी प्रफुल्ल कुमार त्रिपाठी के मुताबिक, एसआईआर अभियान में बिना मैपिंग वाले मतदाताओं के साथ ही शिफ्टेड और गैरहाजिर मतदाताओं की तरफ किए जाने वाले दावा-आपत्ति पर सुनवाई की जाएगी। बिना मैपिंग वाले मतदाताओं को तो नोटिस दी जाएंगी। जिस पर साक्ष्य के तौर पर परिवार रजिस्टर की नकल की काॅपी सहित अन्य विकल्पों को लिया जाएगा। मतदाताओं की बड़ी संख्या को देखते हुए सभी विधानसभा क्षेत्रों में अतिरिक्त सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (एईआरओ) लगाए जाएंगे। बताया कि विधानसभा क्षेत्र हरदोई में 35, संडीला में 30 और विधानसभा क्षेत्र सवायजपुर, शाहाबाद, गोपामऊ, सांडी, बिलग्राम-मल्लावां और बालामऊ में 22-22 एईआरओ की ड्यूटी लगाई जाएगी। ताकि आयोग की व्यवस्था के अनुसार एक दिन में 50 मामलों पर सुनवाई कर उनका समाधान किया जा सके।